
पणजी: गोवा हाईकोर्ट ने गोवा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट (GTCPA) के एक महत्वपूर्ण हिस्से को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने इसे निजी हितों को बढ़ावा देने वाला और जनहित के खिलाफ बताया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह प्रावधान न्यायपूर्ण नहीं है और अवैध तरीके से निजी लाभ के लिए इसे लागू किया गया था।
कोर्ट का निर्णय:
हाईकोर्ट ने इस एक्ट के उस हिस्से को रद्द कर दिया, जिसमें विशेष रूप से भूमि उपयोग और विकास से जुड़े नियमों में बदलाव की अनुमति दी गई थी, जिससे केवल निजी कंपनियों और व्यक्तियों को फायदा होता था। कोर्ट ने इसे सार्वजनिक हित के खिलाफ और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन बताया।
निजी हितों का सवाल:
कोर्ट ने कहा कि यह प्रावधान निजी स्वार्थ को प्राथमिकता देता है और सामूहिक कल्याण की अनदेखी करता है। कोर्ट ने गोवा सरकार से कहा कि वह जनहित को सबसे पहले रखते हुए अपने कानूनों में बदलाव करे।
निष्कर्ष:
यह फैसला गोवा में भूमि उपयोग और विकास से जुड़े नए नियमों पर नया मोड़ लाएगा। अदालत के इस आदेश से उम्मीद है कि आवश्यक सुधार किए जाएंगे, जो समाज और पर्यावरण के हित में होंगे।





