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Goa गोवा: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने राज्य में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर सोमवार को अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि जो लोग विरोध प्रदर्शन करते हैं, उनमें विपक्ष के नेता (LOP) और अन्य विधायक भी शामिल हैं, उन्हें लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विरोध करने का पूरा अधिकार है।
सावंत ने स्पष्ट किया, "लोग विरोध कर सकते हैं, लेकिन उन्हें विरोध प्रदर्शन के नियमों का पालन करना होगा। यह जरूरी है कि सभी प्रदर्शन शांति और कानून के दायरे में हों।" मुख्यमंत्री का यह बयान उस समय आया जब राज्य में कुछ क्षेत्रों में विपक्षी दलों और स्थानीय नागरिकों के विरोध प्रदर्शन बढ़े हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करना है, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान कानून और सार्वजनिक सुरक्षा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि CM का यह बयान स्पष्ट रूप से विरोधियों को चेतावनी देने और साथ ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करने का संदेश है। यह दर्शाता है कि गोवा सरकार शांति और नियमों के साथ विरोध प्रदर्शन को सहन करने के पक्ष में है, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई भी कर सकती है।
इस बीच, विपक्षी दलों ने सरकार की चेतावनी के बावजूद प्रदर्शन जारी रखने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वे राज्य के विभिन्न मुद्दों पर जनता की आवाज उठाते रहेंगे। सावंत ने अंत में सभी नेताओं और नागरिकों से अपील की कि विरोध प्रदर्शन करते समय संयम और नियमों का पालन करें, ताकि राज्य में लोकतांत्रिक अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था दोनों सुरक्षित रह सकें।
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