गोवा

GHRC ने पेरनेम नगर निकाय को पेंशन का बकाया चुकाने का निर्देश

Tara Tandi
13 Oct 2026 1:13 PM IST
GHRC ने पेरनेम नगर निकाय को पेंशन का बकाया चुकाने का निर्देश
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पणजी: गोवा मानवाधिकार आयोग (GHRC) ने कहा है कि पेरनेम म्युनिसिपल काउंसिल द्वारा पेंशन भुगतान में बार-बार देरी करने से रिटायर हो चुके कर्मचारियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। आयोग ने सिफारिश की है कि काउंसिल और म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन का निदेशालय 30 दिनों के भीतर सात महीने की बकाया पेंशन का भुगतान 8 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ करे।
12 अक्टूबर की अपनी जांच रिपोर्ट में, डेसमंड डी'कोस्टा और प्रमोद कामत वाले आयोग ने फरवरी से सितंबर 2026 तक की बकाया पेंशन का भुगतान करने की सिफारिश की, जिसमें भुगतान की तारीख तक संबंधित देय तिथियों से ब्याज की गणना की जाएगी। आयोग ने अधिकारियों को एक स्थायी व्यवस्था बनाने का भी निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर महीने के आखिरी चार कामकाजी दिनों में पेंशन का भुगतान हो।
काउंसिल ने देरी के लिए अपनी खराब आर्थिक स्थिति को जिम्मेदार ठहराया और माना कि वह उपलब्ध संसाधनों से तुरंत पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं कर सकती। उसने बकाया राशि चुकाने के लिए तीन महीने का समय मांगा और म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के निदेशालय से 13.83 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का अनुरोध किया।
तीन पूर्व कर्मचारियों — मदन देसाई, शकुंतला परब और लोअर डिवीजन क्लर्क संगीत पटेकर की विधवा — ने पेंशन का भुगतान न होने को लेकर यह शिकायत दर्ज कराई थी।
आयोग ने कहा कि उसने पहले भी इसी तरह के एक मामले का स्वतः संज्ञान लिया था, जो एक अखबार की रिपोर्ट के बाद सामने आया था। उस रिपोर्ट में रिटायर हो चुके कर्मचारियों और एक विधवा का जिक्र था जो 22 महीनों से पेंशन का इंतजार कर रहे थे।
17 अप्रैल की अपनी रिपोर्ट में, आयोग ने 60 दिनों के भीतर 21 महीने की बकाया राशि का भुगतान 8 प्रतिशत ब्याज के साथ करने की सिफारिश की थी। हालांकि, भुगतान केवल जनवरी 2026 तक ही किया गया।
सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए, आयोग ने दोहराया कि पेंशन एक कानूनी अधिकार है, न कि कोई ऐसी चीज जो अधिकारियों की मर्जी पर निर्भर हो। अधिकारियों से कहा गया है कि वे 13 नवंबर तक अपनी टिप्पणी और की गई या प्रस्तावित कार्रवाई का विवरण जमा करें।
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