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पणजी: मिरामार के वी एम सलगांवकर कॉलेज ऑफ़ लॉ में आयोजित ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन (AILU) की गोवा यूनिट की 5वीं राज्य कॉन्फ्रेंस में संवैधानिक मूल्यों, नागरिक स्वतंत्रता और मौजूदा कानूनी चुनौतियों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई।
इस कॉन्फ्रेंस में कानूनी विशेषज्ञ, सीनियर वकील, संविधान के जानकार, लॉ के छात्र और एकेडमिक्स शामिल हुए, ताकि भारत के कानूनी और संवैधानिक ढांचे के सामने आ रहे अहम मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने स्वतंत्र न्यायपालिका, नागरिक अधिकारों की सुरक्षा, धर्मनिरपेक्षता और कानून के शासन के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने तेज़ी से बदलती सामाजिक और कानूनी वास्तविकताओं के बीच संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने और मज़बूत करने की ज़रूरत पर बल दिया।
भाग लेने वालों ने कहा कि संवैधानिक सिद्धांत लोकतांत्रिक शासन की नींव हैं और उभरती चुनौतियों के ख़िलाफ़ उनकी रक्षा की जानी चाहिए। चर्चाओं का केंद्र संवैधानिक अधिकारों और ज़िम्मेदारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और कानूनी मुद्दों पर जनता की जानकारीपूर्ण भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।
AILU गोवा राज्य के अध्यक्ष एडवोकेट विक्टर सावियो ब्रागांका भी प्रमुख लोगों में शामिल थे।
चर्चाओं को ज्ञानवर्धक और भविष्य की सोच वाली बताया गया। इनसे न केवल कानूनी बिरादरी के सदस्यों को, बल्कि पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों को भी महत्वपूर्ण दृष्टिकोण मिले, क्योंकि वक्ताओं ने बदलते कानूनी परिदृश्य और लोकतांत्रिक व संवैधानिक सिद्धांतों की रक्षा में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण किया।
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