गोवा

डेडलाइन पास फिर भी आवारा कुत्तों और मवेशियों का सर्वे अधूरा

Tara Tandi
20 Oct 2026 3:35 PM IST
डेडलाइन पास फिर भी आवारा कुत्तों और मवेशियों का सर्वे अधूरा
x
मापुसा: आवारा कुत्तों और मवेशियों के राज्यव्यापी सर्वेक्षण की समय-सीमा खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा निदेशालय को अभी तक किसी भी पंचायत या स्थानीय निकाय से सर्वेक्षण का डेटा नहीं मिला है। हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत शुरू किए गए इस काम की प्रगति पर अब सवाल उठने लगे हैं।
पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा निदेशालय के निदेशक डॉ. नितिन नाइक ने बताया कि सर्वेक्षण रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तारीख 22 अक्टूबर है। इसके बाद विभाग सभी डेटा को इकट्ठा करेगा और यह देखेगा कि किन स्थानीय निकायों ने निर्देशों का पालन किया है और किसने अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है।
नाइक ने कहा, "अब तक हमें किसी भी पंचायत या स्थानीय निकाय से कोई जानकारी नहीं मिली है। बहरहाल, सर्वेक्षण रिपोर्ट जमा करने की समय-सीमा 22 अक्टूबर है। जैसे ही हमें विवरण मिल जाएगा, हम एक सूची तैयार करेंगे कि कितनों ने रिपोर्ट जमा की है और कितनों ने नहीं, और फिर इस रिकॉर्ड को हाई कोर्ट के सामने पेश करेंगे।"
यह स्थिति इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 26 अक्टूबर को यह मामला हाई कोर्ट में फिर से सुनवाई के लिए आएगा। ऐसे में, रिपोर्ट जमा करने की समय-सीमा और अगली सुनवाई के बीच केवल चार दिन का समय बचेगा, जिसमें विभाग को यह देखना होगा कि निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं, और फिर पूरी जानकारी कोर्ट के सामने रखनी होगी।
हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए, पंचायत निदेशालय ने पूरे गोवा के स्थानीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और मवेशियों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया था।
इस काम में राज्य की सभी 191 ग्राम पंचायतें, 13 नगर परिषदें और पणजी नगर निगम शामिल हैं।
इस सर्वेक्षण का उद्देश्य राज्य भर में आवारा जानवरों की संख्या का सही अंदाजा लगाना है, ताकि अधिकारियों को यह समझने में मदद मिल सके कि समस्या कितनी बड़ी है और इसके समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
सार्वजनिक सड़कों पर आवारा कुत्ते और मवेशी एक बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। इससे लोगों की सुरक्षा और यातायात पर असर पड़ता है, और इस समस्या को संभालने की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों की होती है।
चूंकि विभाग को अभी तक सर्वेक्षण से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली है, इसलिए सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय निकाय तय समय के भीतर अपना काम पूरा करें और अपनी रिपोर्ट जमा कर दें।
Next Story