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Goa गोवा: मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोमवार को मडगांव में आयोजित भव्य दिंडी महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। परंपरा, भक्ति और सांस्कृतिक एकता के इस पर्व में हजारों श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्सव गोवा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है, जो समाज में भाईचारे और एकता का संदेश देता है। मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि गोवा केवल पर्यटन का केंद्र नहीं, बल्कि समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की भूमि भी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिंडी महोत्सव जैसे आयोजनों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विशेष योजनाएं बना रही है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा सके।
दिंडी महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत, कीर्तन और पारंपरिक झांकियों का आनंद लिया। इस अवसर पर मंदिरों और गलियों में सजावट की गई थी, जहां भक्तों ने भगवान पांडुरंग की आराधना की। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह त्योहार न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामाजिक एकता और संस्कृति के संरक्षण का माध्यम भी है। कार्यक्रम में राज्य के पर्यटन मंत्री, स्थानीय विधायक और कई सांस्कृतिक संगठन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि दिंडी महोत्सव जैसी परंपराओं के जरिए गोवा अपनी समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं, यातायात प्रबंधन और स्वच्छता सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शाम को भक्तों की शोभायात्रा ने पूरे मडगांव में उत्सव का माहौल बना दिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और भक्ति गीतों के बीच पूरा शहर श्रद्धा में डूब गया।
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