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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज से
रायपुर: राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में आज सुबह 11 बजे से तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का आयोजन शुरू होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे और युवा विद्यार्थियों, नवाचार से जुड़े प्रतिभागियों तथा स्टार्टअप उद्यमियों से सीधे संवाद करेंगे। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नवाचार की सोच विकसित करना और उन्हें उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में युवाओं को नए विचारों, तकनीक, स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, स्टार्टअप प्रतिनिधि और विद्यार्थी भी भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री साय करेंगे युवाओं से संवाद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों से संवाद करेंगे। वे युवाओं के विचारों, उनके नवाचार और स्टार्टअप से जुड़े अनुभवों को जानेंगे। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को यह संदेश दिया जाएगा कि नए विचारों को केवल सोच तक सीमित न रखकर उन्हें उपयोगी नवाचार और सफल उद्यम में बदला जा सकता है। मुख्यमंत्री युवाओं को राज्य के विकास में अपनी भूमिका बढ़ाने और रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का करेंगे अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन करेंगे। यह सेंटर युवाओं, शोधार्थियों और स्टार्टअप से जुड़े लोगों को बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में नए प्रयोग और शोध करने के लिए मंच प्रदान करेगा। इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से नए विचारों को तकनीकी सहायता, मार्गदर्शन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे कृषि और बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र में नए स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विचार से नवाचार और नवाचार से उद्यमिता
कॉन्क्लेव की थीम युवाओं को ‘विचार से नवाचार और नवाचार से उद्यमिता’ की दिशा में आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। कार्यक्रम में यह बताया जाएगा कि किसी सामान्य विचार को शोध, तकनीक और सही मार्गदर्शन के जरिए व्यावसायिक मॉडल में कैसे बदला जा सकता है। युवाओं को अपने विचार प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से चर्चा करने और स्टार्टअप से जुड़े व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को भविष्य में अपना उद्यम शुरू करने की दिशा में जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा मंच
तीन दिवसीय आयोजन में स्टार्टअप उद्यमियों को अपने उत्पाद, तकनीक और नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को सफल उद्यमियों और विशेषज्ञों से सीखने का मौका भी मिलेगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जहां युवा नए प्रयोग करने और अपने विचारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित हों।
कृषि क्षेत्र में भी खुलेंगे नए अवसर
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होने के कारण कॉन्क्लेव में कृषि आधारित नवाचार पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। आधुनिक कृषि तकनीक, बायोटेक्नोलॉजी, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसरों पर चर्चा हो सकती है। छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। ऐसे में कृषि से जुड़े नए स्टार्टअप किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए भी रोजगार और आय के नए रास्ते खोल सकते हैं।
तीन दिनों तक चलेगा आयोजन
यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग सत्र, संवाद, प्रस्तुतियां और नवाचार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय का प्रयास है कि कॉन्क्लेव के जरिए युवाओं को केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि अपने विचारों पर काम करने और उन्हें वास्तविक उद्यम में बदलने का मार्ग भी मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी से आयोजन को विशेष महत्व मिल रहा है। कार्यक्रम के जरिए युवाओं में नवाचार, तकनीक और उद्यमिता के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
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