छत्तीसगढ़

80 दिन जिंदगी से जंग के बाद हारी जंग हादसे में घायल युवक की मौत

Shantanu Roy
2 Sept 2026 9:32 PM IST
80 दिन जिंदगी से जंग के बाद हारी जंग हादसे में घायल युवक की मौत
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Kotba. कोतबा। 14 जून की रात हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीय अनुराग शर्मा उर्फ हंसु ने करीब 80 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद दम तोड़ दिया। रायपुर के एमएमआई नारायणा अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई। हादसे में पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी थी। अनुराग के सिर में गंभीर चोट आई थी और हादसे के बाद से उनका उपचार चल रहा था।

जानकारी के अनुसार, 14 जून की रात करीब 9 बजे अनुराग शर्मा मोटरसाइकिल से राम मंदिर पारा से अपने घर सुकबासु पारा लौट रहे थे। इसी दौरान लैलूंगा मुख्य मार्ग पर पुस्तम यादव के घर के पास पीछे से आ रही पल्सर बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अनुराग सड़क पर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने घायल युवक को संभाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया।

80 दिनों तक अस्पताल में चला इलाज
रायपुर के एमएमआई नारायणा अस्पताल में अनुराग का करीब 80 दिनों तक उपचार चला। परिवार को लगातार उम्मीद थी कि लंबी जंग के बाद अनुराग स्वस्थ होकर घर लौटेंगे। परिजनों ने उनके इलाज में हरसंभव प्रयास किया, लेकिन बुधवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अनुराग की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। लंबे समय तक अस्पताल में इलाज चलने के कारण परिवार को उनके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन उनकी मौत से परिजन सदमे में हैं।

हादसे के बाद बाइक सवार फरार
परिजनों के मुताबिक, हादसे के बाद पीछे से टक्कर मारने वाले बाइक सवार मौके से फरार हो गए थे। घटना को लेकर अनुराग के पिता योगेंद्र शर्मा ने कोतबा पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में भूपेंद्र सिंह और विश्वनाथ उर्फ विष्णु के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। पुलिस ने मामले को जांच में लिया था। अब अनुराग की मौत के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
अनुराग की मौत के बाद परिजनों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि अनुराग लंबे समय तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे, लेकिन आखिरकार उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस अब हादसे से जुड़े तथ्यों और शिकायत में नामजद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ाता है। पीछे से आ रही बाइक की टक्कर के बाद गंभीर रूप से घायल हुए अनुराग ने करीब 80 दिन तक उपचार के बावजूद दम तोड़ दिया।
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