छत्तीसगढ़
फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर पेट्रोल भरवाता था युवक, गिरफ्तार
Shantanu Roy
8 Aug 2026 11:51 PM IST

x
छग
Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले में फर्जी ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाकर पेट्रोल भरवाने और बिना भुगतान किए फरार होने वाले आरोपी को जूटमिल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक ही पेट्रोल पंप पर दो अलग-अलग मौकों पर कुल 6 हजार 100 रुपये का पेट्रोल भरवाया और कर्मचारियों को मोबाइल में फर्जी भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर भरोसे में लिया। इसके बाद वह कार लेकर मौके से फरार हो गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी और टोल प्लाजा के फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया। मामला रायगढ़ के दर्रामुड़ा स्थित भारत पेट्रोलियम पेट्रोल पंप का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहली बार 7 जून को पेट्रोल पंप पहुंचकर 2 हजार 500 रुपये का पेट्रोल भरवाया। पेट्रोल भरने के बाद जब कर्मचारी ने भुगतान मांगा तो आरोपी ने अपने मोबाइल फोन में ऑनलाइन पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाया। स्क्रीनशॉट देखकर कर्मचारियों को लगा कि भुगतान हो चुका है। इसके बाद आरोपी अपनी कार लेकर वहां से निकल गया।
कुछ समय बाद आरोपी ने दोबारा उसी पेट्रोल पंप को निशाना बनाया। 25 जुलाई को वह फिर पेट्रोल पंप पहुंचा और 3 हजार 600 रुपये का पेट्रोल भरवाया। इस बार भी उसने ऑनलाइन भुगतान करने के बजाय मोबाइल पर फर्जी पेमेंट का स्क्रीनशॉट दिखाया। कर्मचारियों को भुगतान होने का विश्वास दिलाकर आरोपी कार लेकर फरार हो गया। दोनों घटनाओं के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन को भुगतान की राशि खाते में प्राप्त नहीं होने की जानकारी हुई। इसके बाद मामले की शिकायत जूटमिल थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की।
जूटमिल पुलिस ने पेट्रोल पंप और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। इसके अलावा आरोपी जिस रास्ते से गया था, उस मार्ग पर मौजूद टोल प्लाजा के फुटेज भी जांचे गए। फुटेज के आधार पर पुलिस को संदिग्ध कार के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के दौरान पुलिस ने कार की नंबर प्लेट और उसके अन्य हुलिए के आधार पर वाहन की पहचान की। कार की नंबर प्लेट पर काली पट्टी लगी हुई थी, जो पुलिस के लिए आरोपी तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई। तकनीकी जांच और उपलब्ध फुटेज के आधार पर पुलिस ने बलेनो कार क्रमांक CG-13-AQ-2394 को चिन्हित किया।
वाहन की पहचान होने के बाद पुलिस ने कार चालक 19 वर्षीय मयंक शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और जांच में आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल बलेनो कार और संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों को मोबाइल में फर्जी ऑनलाइन भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाकर विश्वास में लिया था। दोनों घटनाओं में उसने कुल 6 हजार 100 रुपये का पेट्रोल भरवाया, लेकिन वास्तविक रूप से कोई भुगतान नहीं किया। इस तरह उसने डिजिटल भुगतान के नाम पर पेट्रोल पंप को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा रिकॉर्ड और वाहन की पहचान जैसे तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। घटना यह भी बताती है कि ऑनलाइन भुगतान के स्क्रीनशॉट को वास्तविक भुगतान का प्रमाण मानने से पहले व्यापारिक प्रतिष्ठानों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों को बैंक खाते में राशि प्राप्त होने की पुष्टि करना जरूरी है। जूटमिल पुलिस की कार्रवाई के बाद पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों से भी अपील की गई है कि ग्राहक द्वारा ऑनलाइन भुगतान का स्क्रीनशॉट दिखाए जाने पर केवल स्क्रीनशॉट के आधार पर भुगतान स्वीकार न करें। बैंक खाते या संबंधित पेमेंट सिस्टम में राशि जमा होने की पुष्टि करने के बाद ही लेनदेन पूरा माना जाए। पुलिस ने कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
Tagsरायगढ़ फर्जी पेमेंटऑनलाइन पेमेंट फ्रॉडपेट्रोल पंप ठगीजूटमिल पुलिसफर्जी स्क्रीनशॉटमयंक शर्मा6100 रुपये ठगीबलेनो कारडिजिटल पेमेंट फ्रॉडरायगढ़ पुलिसRaigarh fake paymentonline payment fraudpetrol pump fraudJute Mill Policefake screenshotMayank SharmaRs 6100 fraudBaleno cardigital payment fraudRaigarh Police
Next Story





