छत्तीसगढ़
सरस्वती शिशु मंदिर में 'सुरक्षित बचपन' अभियान के तहत कार्यशाला
Shantanu Roy
29 Oct 2026 10:55 PM IST

x
छग
Ambikapur. अंबिकापुर। जिले में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर, अंबिकापुर में ‘सुरक्षित बचपन’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी जे.आर. प्रधान के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव तथा विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण की नीलम बनसोडे ने विद्यार्थियों को विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका, बच्चों को मिलने वाली कानूनी सहायता, नालसा की बाल हितैषी योजनाओं एवं हेल्पलाइन सेवाओं के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी सुमंती खाखा ने पॉक्सो अधिनियम, बाल विवाह रोकथाम, साइबर सुरक्षा एवं स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान करने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीकों से अवगत कराया। मिशन शक्ति की जिला समन्वयक नूतन सिंह ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसरों के महत्व की जानकारी दी। वहीं नेहा सिंह ने विद्यार्थियों को वित्तीय साक्षरता तथा छात्र जीवन में अनुशासन के महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बच्चों की सुरक्षा के लिए संचालित हेल्पलाइन सेवाओं की कार्यप्रणाली समझाई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी, हिंसा, शोषण अथवा असुरक्षित परिस्थिति में संबंधित हेल्पलाइन और विधिक सेवा प्राधिकरण की सहायता ली जा सकती है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के साथ बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम तथा बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त बालिकाओं को समृद्ध समाज की आधारशिला बताते हुए विद्यार्थियों को जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राओं सहित कुल 250 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
Next Story





