छत्तीसगढ़

मकान तोड़ते समय दीवार से गिरा मजदूर, इलाज के दौरान मौत

Shantanu Roy
30 Oct 2026 7:22 PM IST
मकान तोड़ते समय दीवार से गिरा मजदूर, इलाज के दौरान मौत
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Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुराने मकान को तोड़ने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के सीतामढ़ी कुम्हार मोहल्ले में मकान तोड़ने का काम कर रहा एक दिहाड़ी मजदूर करीब साढ़े छह फीट ऊंची दीवार से नीचे गिर गया। हादसे में उसके सिर, छाती और कंधे में गंभीर चोटें आईं। घायल मजदूर को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान उरगा थाना क्षेत्र के मड़वारानी जर्वे निवासी बीरबल सिंह कंवर के रूप में हुई है। घटना के बाद निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी के कुम्हार मोहल्ले में रहने वाले प्रदीप कुमार के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत मकान स्वीकृत हुआ है। योजना के अंतर्गत नया मकान बनाने के लिए पुराने मकान को तोड़ने का कार्य किया जा रहा था। इसी काम के लिए गुरुवार सुबह कार्तिक दास नामक व्यक्ति उषा कॉम्प्लेक्स रेलवे फाटक पहुंचा और वहां से चार दिहाड़ी मजदूरों को अपने साथ लेकर कुम्हार मोहल्ला गया। इन मजदूरों में उरगा थाना क्षेत्र के मड़वारानी जर्वे निवासी बीरबल सिंह कंवर भी शामिल था। सभी मजदूर पुराने मकान को तोड़ने के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजे बीरबल एक दीवार पर चढ़कर मकान तोड़ने का काम कर रहा था।
बताया जा रहा है कि दीवार की ऊंचाई करीब साढ़े छह फीट थी। काम करते समय अचानक बीरबल का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से उसके सिर, छाती और कंधे में गंभीर चोटें आईं। हादसा होते ही मौके पर मौजूद अन्य मजदूर घबरा गए और तुरंत काम रोककर घायल साथी की मदद के लिए पहुंचे। मजदूरों ने घटना की जानकारी मकान मालिक प्रदीप कुमार को दी। इसके बाद प्रदीप की सहायता से गंभीर रूप से घायल बीरबल सिंह कंवर को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन चोटें गंभीर होने के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान मजदूर ने दम तोड़ दिया।
मजदूर की मौत के बाद अस्पताल में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। शव को मर्च्युरी में रखवाया गया। अस्पताल पुलिस ने प्राप्त मेमो के आधार पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस हादसे के बाद निर्माण और मकान तोड़ने के कार्य में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि पुराने मकान को तोड़ने के दौरान मजदूरों को हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट या अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर चढ़कर काम कर रहे थे।
हालांकि, मजदूरों को सुरक्षा संसाधन उपलब्ध नहीं कराने के संबंध में मकान मालिक या अन्य संबंधित पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की जिम्मेदारी को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। निर्माण कार्य के दौरान दीवारों पर चढ़कर काम करना जोखिम भरा होता है। विशेष रूप से पुराने मकानों को तोड़ते समय कमजोर दीवारों, असंतुलित सतह और गिरने की आशंका को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति में दुर्घटना होने पर गंभीर चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल मजदूर बीरबल सिंह कंवर की मौत से उसके परिवार में शोक का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में लगे दिहाड़ी मजदूरों की सुरक्षा और उनके लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का मुद्दा सामने ला दिया है।
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