छत्तीसगढ़

न्यू विस्टा सीमेंट प्लांट में मजदूर की मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग

Shantanu Roy
3 Sept 2026 9:52 PM IST
न्यू विस्टा सीमेंट प्लांट में मजदूर की मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग
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Baloda Bazar. बलौदाबाजार। जिले के ग्राम रिसदा स्थित न्यू विस्टा सीमेंट संयंत्र में काम के दौरान एक मजदूर की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मजदूर को काम करते समय अचानक चक्कर आया, जिसके बाद उसके साथियों ने तत्काल मदद की और एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद मजदूर को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान ग्राम ढनढनी निवासी करीब 50 वर्षीय गिरधर रजक के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक गिरधर रजक एसके जैन ठेकेदार के अंतर्गत काम करता था। इन दिनों न्यू विस्टा सीमेंट संयंत्र में शटडाउन का काम चल रहा है, जिसमें वह भी कार्यरत था। बताया जा रहा है।

काम के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे चक्कर आने लगा। स्थिति को देखते हुए उसके साथ काम कर रहे मजदूरों ने तत्काल उसे संभाला और प्राथमिक तौर पर मदद करने की कोशिश की। मृतक के साथी पुरुषोत्तम यदु ने बताया कि सभी मजदूर एक साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान गिरधर रजक को अचानक चक्कर आया। साथियों ने तत्काल उसके जूते आदि उतारे और एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। साथी मजदूर के अनुसार जिस जगह गिरधर काम कर रहा था, वहां खुली जगह थी। वहां अचानक ऐसी स्थिति कैसे बनी, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं हो सकी। घटना के बाद साथी मजदूरों में भी चिंता का माहौल है।

परिजनों को मुआवजे और नौकरी की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के साथ काम करने वाले कुछ मजदूरों ने उसके परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग उठाई है। मजदूरों का कहना है कि गिरधर रजक परिवार का महत्वपूर्ण सदस्य था और उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में आश्रित परिवार के एक सदस्य को नौकरी, पेंशन और उचित आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। बताया गया कि मृतक की चार बेटियां हैं। इनमें से एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां अपने मामा के यहां रहकर पढ़ाई कर रही हैं। परिवार के अन्य सदस्य रायगढ़ में रहते हैं। घटना के बाद परिजनों को इसकी जानकारी दे दी गई है और उनके आने का इंतजार किया जा रहा है।

कंपनी की ओर से 20 लाख रुपये की चर्चा
फिलहाल मुआवजे को लेकर कोई अंतिम और स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि, जानकारी के अनुसार कंपनी की ओर से मृतक के आश्रित परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पेंशन देने की बात कही जा रही है। इन मांगों और सहायता को लेकर अंतिम निर्णय परिजनों के पहुंचने के बाद होने की संभावना है। वहीं, मजदूर की मौत के बाद उसका शव जिला चिकित्सालय में रखा गया है। परिजनों के आने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घटना को लेकर मृतक के साथी मजदूर भी कंपनी प्रबंधन से परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए जल्द उचित सहायता देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल मजदूर की अचानक तबीयत बिगड़ने और मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अस्पताल में चिकित्सकीय प्रक्रिया और आवश्यक कार्रवाई के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। परिजनों के पहुंचने के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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