छत्तीसगढ़
शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं वाटर प्लांट से कर रही अपना व्यवसाय
Shantanu Roy
10 Dec 2025 8:57 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ग्राम पचेड़ा की शारदा स्व-सहायता समूह ने एक प्रेरणादायक कदम उठाया है। अभनपुर ब्लॉक के इस समूह की महिलाओं ने झरिया नाम से अल्कलाइन वाटर बॉटलिंग प्लांट स्थापित कर न केवल अपना व्यवसाय खड़ा किया है, बल्कि अब यह अन्य महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। शारदा समूह की महिलाओं ने एक छोटी शुरुआत से अपने उद्यम को विकसित किया और अब राज्योत्सव-2025 जैसे बड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न शासकीय कार्यालयों में भी पानी की आपूर्ति कर रही हैं। आज इस प्लांट के माध्यम से समूह ने लगभग 22 लाख रूपए का व्यापार कर लिया है। इस प्लांट से प्रतिदिन लगभग 5 हजार बोतलें तैयार होती हैं, जो मंत्रालय, जंगल सफारी, IIIT, NRDA, पर्यावास भवन सहित अन्य सरकारी और निजी संस्थानों में सप्लाई की जा रही हैं।
यह परियोजना नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त प्रयास से स्थापित की गई है। आधुनिक तकनीक से लैस इस प्लांट में दो प्रयोगशालाएं भी हैं, जहां जल की शुद्धता और पीएच स्तर (8 से 8.5) की नियमित जांच की जाती है। पानी को 500 एमएल की काँच की बोतलों में पैक किया जाता है और प्रत्येक बोतल की कीमत 58.20 रुपए रखी गई है, जिसमें बोतल की कीमत 50 रुपए शामिल है। बोतल वापसी के समय यह राशि वापस कर दी जाती है। इस पहल से महिलाओं को सीधा रोजगार मिला है। महिलाएं अब न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि समाज में सशक्त भूमिका निभा रही हैं। कलेक्टोरेट रायपुर में होने वाली बैठकों में भी ‘झरिया’ पानी की बॉटल ही उपलब्ध कराई जाती है, जहां इसे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
प्लांट से पानी की आपूर्ति और बिक्री के स्थान
ग्राहक जिला पंचायत परिसर स्थित बिहान संगवारी हाट, बी-1 कैफे और ग्राम पचेड़ा स्थित बॉटलिंग प्लांट से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य राज्य की महत्वाकांक्षी योजना ‘लखपति दीदी’ को गति देना है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना और उन्हें स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। शारदा समूह की महिलाओं ने यह साबित किया है कि सशक्त महिला उद्यमिता न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि समाज के स्तर पर भी परिवर्तन ला सकती है। प्लांट की सफलता और इस व्यवसाय का बढ़ता विस्तार अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रहा है कि वे भी छोटे निवेश और समूह प्रयास के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं।
इस परियोजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं अब स्थायी आजीविका मॉडल की ओर अग्रसर हैं। प्लांट न केवल रोजगार पैदा कर रहा है, बल्कि महिलाओं के लिए व्यवसाय प्रबंधन, वित्तीय साक्षरता और मार्केटिंग कौशल सीखने का अवसर भी प्रदान कर रहा है। यह पहल राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समूह की महिलाओं का कहना है कि यह व्यवसाय उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए समाज में सम्मान और पहचान भी दिला रहा है। योजना ‘लखपति दीदी’ के तहत इस तरह की सफलताएं ग्रामीण महिलाओं में उद्यमिता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए मॉडल के रूप में काम कर रही हैं।
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