छत्तीसगढ़

महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने विभिन्न संस्थानों का किया निरीक्षण

Shantanu Roy
31 July 2025 7:27 PM IST
महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने विभिन्न संस्थानों का किया निरीक्षण
x
छग
Dantewada. दंतेवाड़ा। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने आज अपने दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान जिले में संचालित विभिन्न महिला, बाल और दिव्यांग सेवा संस्थानों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, सखी वन स्टॉप सेंटर, बालगृह, नारी निकेतन तथा दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का दौरा किया और वहां रह रहे बच्चों, महिलाओं और विशेष रूप से सक्षमजनों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री रजवाड़े ने प्रत्येक संस्था में उपलब्ध भोजन, चिकित्सा, स्वच्छता, सुरक्षा और
परामर्श
सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, खेलने-कूदने की सुविधा और दिनचर्या की जानकारी ली, वहीं महिलाओं से उनके स्वास्थ्य, परामर्श और पुनर्वास की स्थिति पर जानकारी प्राप्त की। मंत्री रजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन संवेदनशील समूहों को सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि "हर चेहरे पर मुस्कान" सुनिश्चित करना ही हमारी शासन की मूल भावना होनी चाहिए।


इस दिशा में कार्यरत सभी संस्थानों की सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाया जाए ताकि राज्य की सुशासन की परिकल्पना जमीन पर उतरे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिला बाल विकास विभाग की प्राथमिकता केवल सुरक्षा देना नहीं है, बल्कि महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और सम्मानजनक जीवन देना है। इस दौरान उन्होंने कुछ संस्थानों में साफ-सफाई की स्थिति, चिकित्सा व्यवस्था और कुपोषण की दर को लेकर अधिकारियों से विशेष ध्यान देने की बात कही। निरीक्षण के पश्चात उन्होंने
मीडिया
से बात करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का सही तरीके से लागू होना न केवल विकास, बल्कि सामाजिक न्याय की दृष्टि से भी आवश्यक है। मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने बच्चों के लिए विशेष तौर पर मनोरंजन और रचनात्मक गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने, महिलाओं को हुनर आधारित प्रशिक्षण देकर आजीविका से जोड़ने, और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता योजनाओं को सक्रिय रूप से लागू करने पर बल दिया।
Next Story