छत्तीसगढ़

एयरपोर्ट में मृत इलेक्ट्रीशियन की पत्नी को हर महीने मिलेंगे 22 हजार रुपये

Nil dhankar
23 May 2026 11:06 AM IST
एयरपोर्ट में मृत इलेक्ट्रीशियन की पत्नी को हर महीने मिलेंगे 22 हजार रुपये
x

रायपुर। रायपुर एयरपोर्ट पर फाल्स सीलिंग की मरम्मत के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारी कुबेर चंद्र साहू के परिवार को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। शुक्रवार को ठेकेदार विनीत शाह ने बताया कि मृतक की पत्नी को पति की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष तक हर महीने 22 हजार रुपये दिए जाएंगे। वर्तमान में कुबेर चंद्र साहू की उम्र 32 वर्ष थी। इस आधार पर आगामी 28 वर्षों तक यह राशि उनके परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।

जानकारी के अनुसार, कुबेर चंद्र साहू पिछले आठ-नौ महीनों से कार्यरत थे। पीएफ और इंश्योरेंस कटौती के बाद उन्हें प्रतिमाह लगभग 22 हजार रुपये वेतन मिलता था। ठेकेदार की ओर से कहा गया है कि परिवार को पीएफ और इंश्योरेंस का लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा भविष्य में पीएफ से मिलने वाली पेंशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

गौरतलब है कि गुरुवार को एयरपोर्ट के प्रथम तल पर फाल्स सीलिंग रिपेयरिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान लगभग 30 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण कुबेर चंद्र साहू की मौत हो गई। घटना के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने बयान जारी करते हुए कहा कि अत्यधिक गर्मी के कारण कर्मचारी को चक्कर आया और वह नीचे गिर गए। हालांकि एयरपोर्ट परिसर का अधिकांश हिस्सा वातानुकूलित होने के कारण इस दावे पर सवाल उठ रहे हैं।

करंट से मौत को बता दिया सीलिंग फॉल मरम्मत

ग़ौरतलब है कि एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा शुरू से ही ठेकेदारों के साथ मिलीभगत का हर तरह के प्रयोग रायपुर एयरपोर्ट पर किए जाते रहे हैं, जिसका परिणाम लापरवाही और बार बार निर्माण और आधुनिकीकरण के नाम पर बार बार नया ठेका देने का खेल चालू ही रहता है, कुबेर चंद्र साहू कर्मचारी सीलिंग के नाम पर कार्य करना बताया जा रहा है जबकि पूरा परिसर में अच्छी तरह एयर कंडीशनर का प्रभाव रहता है, जिससे पूरा वातावरण ठंडा रहा, गर्मी का तो सवाल ही नहीं उठता है, लोहे में करंट लगने से मौत होना बताया जा रहा है, जो एक बहुत बड़ी लापरवाही है और एयरपोर्ट प्रबंधन ठेकेदार साथ मिलीभगत कर लीपापोती कर अपना पल्ला झाड़ दिया। ठेकेदार अभी तक किसी प्रकार का एग्रीमेंट मृतक कुबेर साहू के परिवार से नहीं किया सिर्फ़ आश्वासन से काम आगे बढ़ाकर मामले को दबाया जा रहा है।

Next Story