छत्तीसगढ़

जीपी सिंह को डीजीपी बनने से आखिर क्यों रोक रहे भूपेश!

admin3
23 May 2025 11:30 AM IST
जीपी सिंह को डीजीपी बनने से आखिर क्यों रोक रहे भूपेश!
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जीपी को डीजीपी बनने से रोकने पूर्व मुख्यमंत्री लगा रहे एड़ी-चोटी का जोर.
रायपुर/नई दिल्ली (जसेरि)। छत्तीसगढ़ राज्य में नए डीजीपी को लेकर भारतीय जनता पार्टी में विचार मंथन चल रहा है वहीं दूसरी ओर आईपीएस लॉबी में भी डीजीपी नियुक्ति को लेकर लाबिंग की कोशिशें तेज हो चुकी है। रायपुर से लेकर दिल्ली तक अब इसी की चर्चा है और लगातार कोशिशें जारी हैं। वहीं दूसरी ओर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चिंता बढ़ती जा रही है और वह पूरी ताकत के साथ दिल्ली से लेकर रायपुर तक अपनी पहुंच और अपने पुराने साथियों का इस्तेमाल कर आईपीएस जीपी सिंह को डीजीपी बनने से रोकने के लिए जी जान से लगे हुए हैं और पूरी ताकत लगा रहे हैं। भूपेश जानते हैं कि वह अगर यह नहीं करेंगे तो जीपी सिंह डीजीपी जरूर बनेंगे और डीजीपी बनते ही जीपी सिंह भूपेश बघेल को तमाम पुराने प्रकरणों पर कार्रवाई आगे बढ़ाकर गिरफ्तार करने जैसे बड़े काम को अंजाम दे सकते हैं।
गौरतलब है कि भूपेश शासनकाल में आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह को बहुत सारे झूठे प्रकरण बनाकर फंसाने की कोशिश की गई थी और गिरफ्तार करने की तमाम कोशिश भूपेश बघेल सरकार की नाकाम रही। सच्चाई का बोलबाला और भगवान ने जीपी सिंह को साथ दिया. तमाम जो झूठे-फर्जी प्रकरण और केस जीपी सिंह पर लगाए गए थे सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद प्रशासनिक अनुमति के उपरांत आईपीएस जीपी सिंह को शासन ने बहाल करते हुए पदोन्नति भी दे दी। अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर राज्य के लिए डीजीपी चयन होने वाली प्रक्रिया में तीन आईपीएस के साथ उनका भी नाम शामिल है। अब जीपी सिंह डीजीपी की दौड़ में शामिल हो चुके हैं इसलिए भूपेश बघेल ने तत्काल अपनी चाल खेलते हुए दिल्ली दौरा लगातार कर पूरी ताकत लगा दी है। जैसे की भूपेश बघेल विगत दिनों रायपुर से दिल्ली के लिए विमान यात्रा कर रहे थे तभी अपने चहेते एक पुलिस अधिकारी को यह कहते सुने गए की कोई भी डीजीपी बन जाए लेकिन आईपीएस जीपी सिंह किसी हालत में डीजीपी ना बने और यह बात उनके बगल के यात्री ने कमोबेश अपने जान पहचान वालों को सभी को शेयर किया था क्योंकि भूपेश जानते हैं अगर जीपी सिंह डीजीपी बने तो तमाम गैर कानूनी और झूठे फर्जी कैस जीपी सिंह पर लगाए थे उसका हिसाब अब उन्हें देना पड़ेगा। एक-एक प्रकरण में जो भूपेश बघेल के ऊपर लगे हैं और जो प्रकरण अदालत और पुलिस की जांच में चल रहे हैं सभी पर कार्रवाई करते हुए भूपेश बघेल को गिरफ्तार करने जैसी कार्रवाई भी जीपी सिंह अपना बदला और अपने ऊपर हुए अत्याचार के न्याय के लिए कर सकते हैं और यह बातें खुद भूपेश बघेल ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से दिल्ली में भी कही है ऐसी जानकारी कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार आ रही है। राहुल गांधी को भी इस प्रकरण में जीपी सिंह को डीजीपी नहीं बनने के लिए काम पर लगाया जा रहा है ऐसी जानकारी दिल्ली स्थित कांग्रेस के एक बड़े नेता ने जनता से रिश्ता को एक बातचीत के दौरान बताई। राहुल गांधी लीडर आफ अपोजिशन होने के कारण दिल्ली में बड़े स्तर में किसी को भी बोलकर एक छोटे से राज्य के डीजीपी के बारे में सिफारिश कर सकते हैं यह धारणा भूपेश बघेल के दिमाग में घर कर गई राज्य की खुफिया विभाग को अब यह पता लगाना है की कौन-कौन से आईपीएस भूपेश बघेल के संपर्क में है और उसे सहयोग कर रहे हैं और सरकार की सभी गोपनीय जानकारी साझा कर रहे हैं। (सभी जानकारी सूत्रों से प्राप्त होने के उपरांत प्रकाशित किया गया।)
स्थायी डीजीपी की रेस में शामिल आईपीएस वर्तमान में यहां हैं पदस्थ : आईपीएस अरुण देव गौतम- अस्थायी डीजीपी, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा नवा रायपुर के महानिदेशक, लोक अभियोजन नवा रायपुर के संचालक
आईपीएस पवन देव: चेयरमेन पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन
आईपीएस जीपी सिंह: डीजी पीएचक्यू
डीजीपी नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह है निर्देश : सुप्रीम कोर्ट का 2006 का फैसला आज भी राज्यों में डीजीपी (पुलिस प्रमुख) की नियुक्ति के लिए एक दिशा-निर्देश की तरह काम करता है। इस फैसले के मुताबिक, राज्य सरकार को डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा भेजी गई सबसे सीनियर 3 अफसरों की सूची में से किसी एक को चुनना होता है। साथ ही, जिस अफसर को डीजीपी बनाया जाएगा, वह रिटायरमेंट की तारीख चाहे कुछ भी हो, कम से कम दो साल तक इस पद पर बना रहेगा।
डीजीपी पद के लिए योग्यता
डीजीपी बनने के लिए 30 साल की सेवा जरूरी है। इससे पहले स्पेशल केस में भारत सरकार डीजीपी बनाने की अनुमति दे सकती है। छोटे राज्यों में आईपीएस का कैडर छोटा होता है, इसको देखते हुए भारत सरकार ने डीजीपी के लिए 30 साल की सर्विस की जगह 25 साल कर दिया है। मगर बड़े राज्यों के लिए नहीं।
मुख्यमंत्री और राज्य के प्रमुख मंत्री ओपी चौधरी आज दिल्ली रवाना हो सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में अब तक की गई सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में प्रगति रिपोर्ट तथा बचे हुए मंत्रिमंडल के विस्तार, राज्य के नए डीजीपी बनाने का फैसला लेने के लिए आलाकमान से मिलने आज रात्रि या कल मुख्यमंत्री और मंत्री ओपी चौधरी दिल्ली जा सकते हैं। और भी वरिष्ठ नेता दिल्ली की ओर दो दिन के लिए रवाना हो सकते हैं।
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