छत्तीसगढ़

45 फ़ीट की ऊंचाई से गिरने से वेल्डर की मौत, जांच में जुटी पुलिस

Shantanu Roy
15 Oct 2025 8:26 PM IST
45 फ़ीट की ऊंचाई से गिरने से वेल्डर की मौत, जांच में जुटी पुलिस
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छग
Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गुरुवार शाम एक पावर प्लांट में काम कर रहे वेल्डर की ऊंचाई से गिरने से मौत हो गई। यह हादसा चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में स्थित इंड सेनर्जी पावर प्लांट के स्टॉक हाउस के पास हुआ। मृतक की पहचान श्रीकांत कुमार सिंह (21) के रूप में हुई है, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के रीषयप थाना क्षेत्र के ग्राम देउरी नेवरा का निवासी था। जानकारी के अनुसार, श्रीकांत एजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के अंतर्गत वेल्डर के रूप में कार्यरत थे। गुरुवार को वे लगभग 45 फीट ऊपर प्लेटफॉर्म पर चढ़कर
चैनल वेल्डिंग
का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण वह नीचे गिर गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूर दौड़े और ठेकेदार अदालत गिरी तथा कंपनी प्रबंधन को घटना की जानकारी दी। घायल वेल्डर को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। चक्रधरनगर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना की परिस्थितियां
हादसा उस समय हुआ जब प्लेटफॉर्म निर्माण का कार्य चल रहा था। प्लेटफॉर्म पर चढ़कर चैनल वेल्डिंग करते समय श्रीकांत का पैर फिसल गया और वह करीब 45 फीट नीचे गिर गए। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि सुरक्षा उपकरणों का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया था, जो इस दुर्घटना की गंभीरता को दर्शाता है। स्थानीय ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन ने बताया कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जिम्मेदारी उनका था। अब पुलिस और श्रम विभाग दोनों मिलकर यह देख रहे हैं कि क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था और हादसे के लिए किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं।

मृतक का परिचय और परिवार
श्रीकांत कुमार सिंह 21 वर्षीय युवक थे और अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य के रूप में जाने जाते थे। उनके परिवार ने बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ ग्राम देउरी नेवरा में रहते थे और बेहतर जीवन के लिए रायगढ़ में काम कर रहे थे। उनका आकस्मिक निधन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मृतक के सहयोगियों और मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में यह भी देखा जा रहा है कि हादसे के समय सुरक्षा हेलमेट, हार्नेस या अन्य सुरक्षा उपकरण मौजूद थे या नहीं। पुलिस का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। निर्माण कार्यों और पावर प्लांट जैसी उच्च जोखिम वाली जगहों पर मजदूरों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। सुरक्षा उपायों की अनदेखी अक्सर इस प्रकार के घातक हादसों का कारण बनती है।
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