छत्तीसगढ़
रायपुर पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन, परंपरा के तहत हवाई फायरिंग
Shantanu Roy
20 Oct 2026 4:30 PM IST

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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विजयादशमी का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। दशहरे के अवसर पर मंगलवार को राजधानी के पुलिस लाइन परिसर में पारंपरिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला की मौजूदगी में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विधि-विधान से अस्त्र-शस्त्रों की पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही पुलिस विभाग के वाहनों की भी पूजा की गई। शस्त्र पूजन के बाद परंपरा के अनुसार हवाई फायरिंग की गई। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान शामिल हुए।
पुलिस लाइन में विधि-विधान से हुई शस्त्र पूजा
विजयादशमी के पावन अवसर पर रायपुर पुलिस लाइन में सुबह से ही शस्त्र पूजन की तैयारियां की गई थीं। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विभाग के अस्त्र-शस्त्रों को पूजा के लिए रखा। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। शस्त्र पूजन के दौरान हथियारों के साथ पुलिस विभाग के वाहनों की भी पूजा की गई। पूजा संपन्न होने के बाद परंपरा के अनुरूप हवाई फायरिंग की गई।
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की पुरानी परंपरा
पुलिस विभाग में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। दशहरा पर्व को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शस्त्रों की पूजा शक्ति, साहस और विजय के प्रतीक के रूप में की जाती है। पुलिस विभाग के लिए यह परंपरा विशेष महत्व रखती है, क्योंकि हथियारों का उपयोग कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। शस्त्र पूजन के माध्यम से पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों के प्रति समर्पण का संदेश देते हैं।
हथियारों के साथ पुलिस वाहनों की भी पूजा
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अस्त्र-शस्त्रों के अलावा विभागीय वाहनों को भी पूजा में शामिल किया गया। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने वाहनों की पूजा कर अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प दोहराया। पुलिस विभाग के लिए हथियार और वाहन दोनों ही सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस वाहन घटनास्थल तक पहुंचने और नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराने में उपयोगी होते हैं। इसी कारण विजयादशमी के अवसर पर विभागीय वाहनों का पूजन भी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
पुलिस कमिश्नर ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं
इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने राजधानीवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नागरिकों से त्योहार को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द का संदेश देता है। सभी नागरिकों को मिल-जुलकर त्योहार मनाना चाहिए, ताकि समाज में प्रेम और सद्भाव बना रहे। पुलिस कमिश्नर ने यह भी कहा कि पुलिस विभाग नागरिकों की सुरक्षा और सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है।
जनसेवा और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश
विजयादशमी पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से पुलिस विभाग ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। साथ ही त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया। राजधानी में आयोजित इस पारंपरिक कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस विभाग ने शक्ति, अनुशासन, कर्तव्य और सेवा भावना का परिचय दिया। विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन ने एक बार फिर सुरक्षा और जिम्मेदारी के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
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