छत्तीसगढ़

डोंगरगढ़ में पहली बारिश में जलभराव, नगर पालिका की तैयारियों पर उठे सवाल

Shantanu Roy
5 July 2026 3:40 PM IST
डोंगरगढ़ में पहली बारिश में जलभराव, नगर पालिका की तैयारियों पर उठे सवाल
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Dongargarh. डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी है। शहर के केदारबाड़ी, कालकापारा, टिकरापारा और रेलवे चौक सहित कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवागमन और दैनिक जीवन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे गंभीर हालात केदारबाड़ी क्षेत्र में देखने को मिले, जहां बारिश का पानी कई घरों के अंदर तक घुस गया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है। हर
वर्ष बारिश
के मौसम में इसी तरह की स्थिति उत्पन्न होती है और लोग जलभराव से परेशान रहते हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि केदारबाड़ी कॉलोनी के निर्माण के दौरान उचित जल निकासी व्यवस्था को ध्यान में नहीं रखा गया, जिसके कारण हर बार बारिश में पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कई बार यह क्षेत्र तालाब जैसा दिखाई देने लगता है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि नगर पालिका केवल अस्थायी कार्रवाई करती है, जैसे पानी निकालने या सफाई करने तक सीमित रहती है, लेकिन मूल समस्या पर कोई ठोस काम नहीं किया जाता। इसी कारण हर साल बारिश के समय लोगों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहली ही बारिश में शहर के कई हिस्सों के जलमग्न होने से नगर की ड्रेनेज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सही योजना बनाई जाती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

केदारबाड़ी क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि बारिश का पानी घरों में घुस जाने से घरेलू सामान भी खराब हो गया है और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। कई परिवार रातभर पानी निकालने में जुटे रहे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की है, साथ ही स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है। नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच अब यह
मांग जोर
पकड़ रही है कि पूरे क्षेत्र की ड्रेनेज व्यवस्था का पुनः सर्वे किया जाए और वैज्ञानिक तरीके से जल निकासी प्रणाली विकसित की जाए। शहरी क्षेत्रों में बिना उचित योजना के किए गए निर्माण और नालियों की कमी इस तरह की समस्याओं का मुख्य कारण बनते हैं। डोंगरगढ़ की स्थिति भी इसी ओर इशारा करती है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन लोगों की अपेक्षा है कि इस बार केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की जाए।
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