छत्तीसगढ़

जेल में VIP ट्रीटमेंट का पर्दाफाश: कोल घोटाले मामलें के आरोपी निखिल चंद्राकर के पास मिला मादक पदार्थ

Shantanu Roy
8 April 2025 4:00 PM IST
जेल में VIP ट्रीटमेंट का पर्दाफाश: कोल घोटाले मामलें के आरोपी निखिल चंद्राकर के पास मिला मादक पदार्थ
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर की केन्द्रीय जेल में कोयला घोटाले मामले में सजायाफ्ता निखिल चंद्राकर के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ, सिगरेट और मोबाइल फोन बरामद कर जेल के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जेल अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए निरीक्षण अभियान में ये सारी सामग्रियाँ आइटमाइज कर पुलिस को सुपुर्द कर दी गई हैं।

कोयला घोटाले का पृष्ठभूमि
निखिल चंद्राकर उस कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक हैं, जिसके लिए वह पहले ही मुख्य अभियुक्त बन चुके हैं। इस घोटाले ने प्रदेश के कोयला उद्योग में करोड़ों रुपए की अनियमितताओं का पर्दाफाश किया था। न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर उन्हें कैद की सजा सुनाई थी और वे वर्तमान में रायपुर की केंद्रीय जेल में बंद हैं।

जेल निरीक्षण में हुई बरामदगी
दिनांक 8 अप्रैल 2025 को जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य के निर्देश पर केंद्रीय जेल के अति-संवेदनशील वार्ड एवं अलग निरोध कक्ष की छानबीन की गई। इस दौरान जेल के विशेष सुरक्षा दस्ते ने मालखानों, बाथरूम, पानी की टंकी के पास तथा वार्ड के फर्श में छुपाए गए स्थानों की जांच की। जेल में मिले भारी मात्रा में मादक पदार्थ सिगरेट और आईफोन के बाद सजायाफ़्ता कोल घोटाले के आरोपी निखिल चंद्राकर को धमतरी सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।

छानबीन के परिणामस्वरूप निखिल चंद्राकर के निजि वस्त्रों और बिस्तर के नीचे छिपाए गए भारी मात्रा में मादक पदार्थ (अवैध नशीला पदार्थ), 30 सिगरेट के पैकेट, और एक आईफोन जब्त हुआ। जेल प्रशासन ने बताया कि मोबाइल फोन से न केवल बाहरी दुनिया से अवैध संपर्क सत्यापित होता है, बल्कि इसका प्रयोग आपराधिक गिरोहों के साथ गुप्त सौदों और आपराधिक निर्देशों के आदान-प्रदान में भी हो सकता है।

जेल प्रशासन की कड़ी प्रतिक्रिया
जेल अधीक्षक अमित शांडिल्य ने बताया, “निहित स्वार्थ अथवा अपराधी गिरोहों द्वारा जेल के भीतर अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की हर कोशिश को नाकाम करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी कैदी को नियमों के विरुद्ध कोई सुविधा नहीं दी जाएगी। इस बरामदगी की सूचना पुलिस गृह विभाग और राज्य प्रमुख सचिव (गृह) को भी दे दी गई है।”
उनके मुताबिक, बरामद सामग्रियों की डिटेल रिपोर्ट रायपुर पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय एवं विशेष शाखा को अग्रेषित कर दी गई है। साथ ही जेल में अधिक चौकसी ड्यूटी पर आधारित पाबंदी लागू कर दी गई है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
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