छत्तीसगढ़

ग्रामीणों को दी गई महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशामुक्ति की जानकारी

Shantanu Roy
2 Sept 2025 9:31 PM IST
ग्रामीणों को दी गई महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशामुक्ति की जानकारी
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छग
Mungeli. मुंगेली। जिले की पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान "पहल" अब सुदूर आदिवासी इलाकों तक पहुंच गया है। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तथा थाना प्रभारियों की देखरेख में यह अभियान अचानकमार टाइगर रिजर्व से लगे गांवों – अचानकमार, छपरवा, लमनी और विंदावल में आयोजित किया गया।

ग्रामीणों को दी गई कानूनी और सामाजिक जानकारी
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, सामाजिक बुराइयों और बाल संरक्षण कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि वर्तमान समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए अजनबियों के कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने से बचना जरूरी है। इसी तरह, महिला सुरक्षा को लेकर हेल्पलाइन नंबर 112 और 1090 की जानकारी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।


नशामुक्ति और सामाजिक सुधार पर जोर
कार्यक्रम में पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशे की लत न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि परिवार और समाज को भी तोड़ देती है। ग्रामीण युवाओं से अपील की गई कि वे नशामुक्त जीवन जीकर समाज को एक नई दिशा दें। इसके अलावा बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर भी रोक लगाने की बात कही गई।

बच्चों और युवाओं ने लिया संकल्प
अभियान में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा शामिल हुए। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों की बातें ध्यान से सुनीं और नशा न करने तथा शिक्षा के जरिए आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को प्रेरित किया कि वे पढ़ाई में मन लगाकर भविष्य संवारें और समाज में जागरूकता फैलाने में भी सहयोग दें।

अचानकमार जैसे सुदूर क्षेत्र में क्यों महत्वपूर्ण है पहल?
अचानकमार टाइगर रिजर्व के आसपास बसे गांवों तक अक्सर सरकारी योजनाओं और जागरूकता अभियानों की पहुंच सीमित रहती है। पुलिस की "पहल" इस मायने में खास है कि यह उन क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जहां शिक्षा और सूचना के साधन सीमित हैं। ग्रामीणों ने इस अभियान का स्वागत किया और कहा कि इस तरह की गतिविधियों से उन्हें कानून की जानकारी और सामाजिक जागरूकता दोनों मिलती हैं। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल का कहना है कि "पहल" का मकसद केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि जन-भागीदारी के जरिए समाज में सुरक्षा और जागरूकता का वातावरण बनाना है। आने वाले दिनों में इस अभियान को और अधिक गांवों तक ले जाने की योजना है।
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