छत्तीसगढ़

घास जमीन को पशुपालन के लिए सुरक्षित करने ग्रामीणों ने की मांग, जनदर्शन में प्राप्त हुए 180 आवेदन

Shantanu Roy
1 July 2026 7:15 PM IST
घास जमीन को पशुपालन के लिए सुरक्षित करने ग्रामीणों ने की मांग, जनदर्शन में प्राप्त हुए 180 आवेदन
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छग
Durg. दुर्ग। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अपर कलेक्टर सिल्ली थॉमस भी उपस्थित थीं। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार,
आर्थिक सहायता
राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 180 आवेदन प्राप्त हुए। जनदर्शन में प्राप्त विभिन्न आवेदनों पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेेते हुए संबंधित अधिकारियों से फोन पर जानकारी ली और उक्त आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

इसी कड़ी में धुमा के ग्रामवासियों ने घास जमीन को पशुपालन के लिए सुरक्षित करने आवेदन दिया। ग्रामवासियों ने बताया कि तहसील पाटन के अंतर्गत घास जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। यह जमीन पशुओं के चरने के लिए सुरक्षित है और यदि अतिक्रमण जारी रहा तो गांव में मवेशियों के लिए चारागाह की समस्या और बढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में ग्राम पंचायत में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं रुका। उन्होंने घास जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर पशु चारागाह के रूप में सुरक्षित रखने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार पाटन को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। ग्राम थनौद के ग्रामीणों ने आवासीय क्षेत्र से लगे पोल्ट्री फार्म को बंद करने अथवा अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पोल्ट्री फार्म आवासीय क्षेत्र के बेहद निकट संचालित हो रहा है।

जिससे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पोल्ट्री फार्म से निकलने वाली दुर्गंध, अपशिष्ट और प्रदूषण के कारण पूरे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा है। इससे सांस लेने में परेशानी, मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ने और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। गर्मी और बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने, पोल्ट्री फार्म को रिहायशी क्षेत्र से हटाने तथा जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए
स्थायी समाधान
सुनिश्चित करने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग को निरीक्षण कर कार्यवाही करने को कहा। ग्राम खम्हरिया के किसानों ने धनोरा नाला पर बने कट बांध के कारण खेतों में जलभराव होने की शिकायत की। किसानों ने बताया कि धनोरा नाला पर बने कट बांध की वजह से हल्की बारिश में भी करीब 20 एकड़ कृषि भूमि में पानी भर जाता है, जिससे रोपा और बुवाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे खेती और आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ेगा। किसानों कट बांध का निरीक्षण कर जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
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