छत्तीसगढ़
जंगली सुअर के मांस विवाद में ग्रामीण की हत्या, दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा
Shantanu Roy
12 April 2026 4:56 PM IST

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Raigarh. रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली सुअर के मांस को लेकर हुए विवाद में एक ग्रामीण की पीट-पीटकर हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सकरलिया का है, जहां साल 2019 में यह वारदात हुई थी। जानकारी के अनुसार गांव के रत्थूराम राठिया (60) और सीताराम राठिया (35) का श्यामलाल राठिया के साथ जंगली सुअर के मांस को लेकर विवाद हो गया था। आरोप था कि श्यामलाल ने मांस अकेले खा लिया, जिससे दोनों आरोपी नाराज हो गए और मामला बढ़ गया। विवाद के दौरान दोनों आरोपियों ने श्यामलाल के साथ गाली-गलौज की और उसे जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद उन्होंने डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले में श्यामलाल के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजनों ने घायल श्यामलाल को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के पिता ने धरमजयगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और 34 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने सरकार की ओर से मजबूत पैरवी की। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोनों आरोपियों पर 1-1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है, जिसमें मामूली विवाद के चलते एक व्यक्ति की जान ले ली गई। इस फैसले के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे विवादों को हिंसा का रूप देना समाज के लिए बेहद खतरनाक है। पुलिस और प्रशासन ने भी कहा है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह मामला वर्षों पुराने विवाद के बावजूद न्याय मिलने का उदाहरण माना जा रहा है, जिसमें अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों को कड़ी सजा दी है।
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