
x
छग
Mahasamund. महासमुंद। विकासखंड पिथौरा अंतर्गत रानीसागर पारा स्थित गोविंद कमला गौशाला में एक गौमाता की गंभीर स्थिति को देखते हुए पशु चिकित्सकों की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसकी जान बचाने में सफलता हासिल की। बीते कुछ दिनों से गौमाता ने खाना-पीना लगभग छोड़ दिया था, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। गौशाला प्रबंधन द्वारा सूचना दिए जाने पर शासकीय पशु चिकित्सालय पिथौरा में पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. डी.एन. पटेल तत्काल मौके पर पहुंचे और गाय का विस्तृत परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में संदेह हुआ कि गौमाता ने बड़ी मात्रा में प्लास्टिक एवं अन्य न पचने वाले अपशिष्ट पदार्थ निगल लिए हैं। इसी कारण उसके पेट में गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई थी और स्थिति चिंताजनक बन गई थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल शल्यक्रिया करने का निर्णय लिया। रूमेनोटॉमी (पेट का ऑपरेशन) जैसी जटिल प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए टीम गठित की गई। डॉ. डी.एन. पटेल के नेतृत्व में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी गोपाल भोई, डॉ. विपिन, भेखू सिन्हा (वेट एवं पैरावेट एमवीयू), राजूराम क्षत्रिय (पी.ए.आई.डब्ल्यू.) तथा पशु परिचारक विष्णु साहू ने समन्वय के साथ ऑपरेशन शुरू किया। काफी सावधानी और विशेषज्ञता के साथ किए गए ऑपरेशन के दौरान गौमाता के पेट से लगभग 42 किलोग्राम प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थ निकाले गए। इतनी बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का पेट में जमा होना अत्यंत खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता था। समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो गौमाता की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
लगभग कई घंटों तक चली इस जटिल शल्यक्रिया के बाद चिकित्सकों ने गौमाता को सुरक्षित बाहर निकाला। ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वह अब खतरे से बाहर है। पशु चिकित्सालय की टीम द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यक दवाइयां और उपचार जारी है। इस सफल उपचार से गौशाला प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने पशु चिकित्सकों की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि खुले में फेंका गया प्लास्टिक पशुओं के लिए कितना घातक साबित हो सकता है। आम नागरिकों से अपील की है कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थ खुले में न फेंकें। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि मवेशियों के जीवन पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है। समय पर मिली सूचना और चिकित्सकों की तत्परता से इस बार एक गौमाता की जान बच गई, जो सराहनीय पहल मानी जा रही है।
Tagsपिथौरामहासमुंदगोविंद कमला गौशालागौमाता ऑपरेशनरूमेनोटॉमीपशु चिकित्सकप्लास्टिक निगलना42 किलो प्लास्टिकपशु चिकित्सा टीमशासकीय पशु चिकित्सालयगौ संरक्षणआपात उपचारPithoraMahasamundGovind Kamala GaushalaCow operationRumenotomyVeterinarianSwallowing plastic42 kg plasticVeterinary teamGovernment Veterinary HospitalCow protectionEmergency treatmentछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





