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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने एक दिवसीय दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की कुल ऊर्जा खपत का 15 प्रतिशत हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करने के लक्ष्य को लेकर लगातार काम कर रही है। इसके लिए सौर ऊर्जा को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो 2026 में हिस्सा लिया। रायपुर लौटने के बाद उन्होंने सम्मेलन के अनुभव साझा किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगमन पर खुशी जताई। वहीं, राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के बयानों पर भी तीखा पलटवार किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि अपने एक दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान उन्हें भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो 2026 में शामिल होने का अवसर मिला। इस आयोजन में देश और दुनिया में विकसित हो रही ग्रीन एनर्जी तथा नवीकरणीय ऊर्जा की नई तकनीकों को देखने और समझने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रिन्यूएबल एनर्जी को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। केंद्र सरकार का उद्देश्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों का विस्तार करना है। भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में भी स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और निवेश की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की कुल ऊर्जा खपत में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम नागरिकों को भी स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव जिले के खैरा गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि यह गांव प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। खैरा को छत्तीसगढ़ के पहले सोलर विलेज के रूप में पहचान मिली है। यहां के लोग प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ उठाकर सौर ऊर्जा अपना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और नागरिकों की बढ़ती जागरूकता के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आने वाले समय में सौर ऊर्जा का विस्तार प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
इधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव का 3 नवंबर को समापन समारोह है। यह प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्योत्सव के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के विकास, सामाजिक उत्थान और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन विभूतियों को सम्मान प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब कांग्रेस की बातों का कोई अर्थ नहीं रह गया है। कांग्रेस पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुकी है और विपक्ष के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बेवजह बयानबाजी कर रहे हैं और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है। वहीं, नक्सल मुक्त पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपये देने के मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों का भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस विषय पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री साय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या गंभीर बनी रही, लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसके खिलाफ मजबूती से लड़ाई नहीं लड़ी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार नक्सलवाद के खिलाफ लगातार काम कर रही है और प्रदेश में शांति, सुरक्षा तथा विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के इन बयानों से एक ओर राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की सरकार की प्राथमिकताएं सामने आई हैं, वहीं दूसरी ओर राज्योत्सव और नक्सलवाद के मुद्दे पर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है।
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