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छत्तीसगढ़
Narayanpur नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई है, जहां दूल्हा किसी लग्जरी कार या आधुनिक वाहन के बजाय बैलगाड़ी पर सवार होकर दुल्हन लेने पहुंचा। यह शादी सादगी, परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती नजर आई।
जिला पुलिस बल में पदस्थ जवान कुबेर देहारी ने अपनी शादी को भव्यता और दिखावे से दूर रखते हुए पारंपरिक तरीके से संपन्न किया। नारायणपुर के डूमर तराई गांव में जब लोग सजे-धजे दूल्हे को बैलगाड़ी पर बारात लेकर जाते देखे तो वे हैरान रह गए। यह आयोजन मजबूरी नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश के रूप में किया गया था। शादी में पर्यावरण और संस्कृति को भी विशेष रूप से शामिल किया गया। मंडप को नारियल, सल्फी, छिंद और जामुन के पत्तों से सजाया गया, जबकि पारंपरिक सूप, टोकनी और मिट्टी के बर्तनों का उपयोग कर हल्बा जनजाति की संस्कृति को दर्शाया गया।
कुबेर देहारी ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सादगी और ईंधन बचत के संदेश से प्रेरणा लेकर यह कदम उठाया। उनका उद्देश्य था कि समाज में बढ़ते दिखावे और फिजूलखर्ची पर रोक लगे और लोग अपनी परंपराओं से जुड़े रहें। उनकी यह शादी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और लोगों को सादगी, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है।
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