मां के साथ अत्याचार बर्दाश्त नहीं कर सका बेटा, पिता की हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा

अंबिकापुर। पंचम जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत ने पिता की हत्या के आरोपित पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मृतक द्वारा पत्नी से मारपीट किए जाने से नाराज होकर पुत्र ने उसे बेदम पीटा था जिससे उसकी मौत हो गई थी। घटना अंबिकापुर के मणिपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मठपारा में हुई थी।
अतिरिक्त लोक अभियोजक विद्यासागर सिंह ने बताया कि मृतक इंदरलाल कुजूर मठपारा में परिवार के सदस्यों के साथ रहता था। अक्सर शराब सेवन कर वह परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। घटना दिवस 23 जून 2024 की रात शराब के नशे में उसने पत्नी सुनीता कुजूर के साथ मारपीट की थी।
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मुख्यमंत्री डीएवी स्कूल में आरटीई के तहत पढ़ाई कर रहे बच्चों से मजदूरी कराने का मामला सामने आया था। इस घटना को 28 फरवरी के अंक में नईदुनिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस घटना पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने कोर्ट में बताया कि इस मामले की सच्चाई जानने के लिए 23 फरवरी को एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। हाई कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को 11 मार्च तक इस संबंध में विस्तृत जानकारी पेश करने का आदेश दिया है।





