छत्तीसगढ़
अबूझमाड़ में दो शीर्ष नक्सली कमांडर ढेर, गृहमंत्री अमित शाह ने कहा- लाल आतंक की रीढ़ टूट रही है
Shantanu Roy
22 Sept 2025 8:18 PM IST

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छग
New Delhi/Raipur. नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों में फैले अबूझमाड़ इलाके में एक बार फिर सुरक्षाबलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। नक्सलियों के खिलाफ लगातार जारी अभियान के बीच सोमवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व को करारा झटका दिया। इस मुठभेड़ में नक्सलियों की केंद्रीय समिति के दो बड़े कमांडर – कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कादरी सत्यनारायण रेड्डी को ढेर कर दिया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सीमा पर स्थित यह क्षेत्र लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता है। यहां से नक्सली गतिविधियों को संचालित करने के लिए बड़ी रणनीतियां तैयार करते रहे हैं। लेकिन लगातार चल रहे सुरक्षाबलों के ऑपरेशन ने उनकी जड़ें कमजोर कर दी हैं।
गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान
देश के गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता पर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “आज हमारे सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक और बड़ी जीत हासिल की है। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में, हमारे सुरक्षा बलों ने दो केंद्रीय समिति सदस्य नक्सल नेताओं – कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कादरी सत्यनारायण रेड्डी – का सफाया कर दिया। हमारे सुरक्षा बल नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व को व्यवस्थित रूप से ध्वस्त कर रहे हैं और लाल आतंक की रीढ़ तोड़ रहे हैं।” शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। सुरक्षाबलों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है और उनकी रणनीति नक्सलियों के लिए घातक साबित हो रही है।
Today, our security forces have achieved another major victory against the Naxalites. In the Abujhmad region of Narayanpur along the Maharashtra-Chhattisgarh border, our forces eliminated two Central Committee Member Naxal leaders - Katta Ramachandra Reddy and Kadri Satyanarayan…
— Amit Shah (@AmitShah) September 22, 2025
24 अगस्त 2024 की बैठक बनी टर्निंग प्वॉइंट
नक्सल उन्मूलन के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 24 अगस्त 2024 को गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में सात राज्यों के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ हाई लेवल मीटिंग की थी। उस बैठक में नक्सल उन्मूलन की विस्तृत रणनीति बनाई गई थी। इस रणनीति के तहत सुरक्षाबलों को आधुनिक हथियारों और तकनीक से लैस किया गया, इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत किया गया और स्थानीय प्रशासन को ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों पर जोर देने के निर्देश दिए गए। बैठक के बाद से अब तक जवानों ने कई ऑपरेशनों में बड़ी सफलता हासिल की है। दर्जनों नक्सलियों को ढेर किया गया और कई सरेंडर करने को मजबूर हुए।
नक्सलियों पर लगातार कसा शिकंजा
सुरक्षाबलों के लगातार दबाव और सटीक इंटेलिजेंस की वजह से नक्सली अब हार की स्थिति में पहुंच गए हैं। माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति का नेतृत्व धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है। हाल के महीनों में नक्सलियों के कई बड़े कमांडर मारे जा चुके हैं, जिससे संगठन की रणनीति और मनोबल दोनों प्रभावित हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अबूझमाड़ जैसे कठिन इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिलना सुरक्षाबलों की तैयारी और उनकी जमीनी पकड़ को दर्शाता है। इस क्षेत्र में नक्सली लंबे समय से सुरक्षित ठिकाने बनाकर सक्रिय थे, लेकिन अब यहां भी सुरक्षाबलों का दबदबा बढ़ता जा रहा है।
नक्सलियों में खौफ
लगातार हो रही मुठभेड़ों और ऑपरेशनों से नक्सलियों के बीच खौफ का माहौल है। सूत्रों के अनुसार, कई नक्सली संगठन छोड़ने और आत्मसमर्पण करने पर विचार कर रहे हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि आने वाले समय में और भी बड़ी सफलताएं मिलेंगी और नक्सलवाद पूरी तरह खत्म होने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा।
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