छत्तीसगढ़
बालिका छात्रावास में घुसे दो हाथी, सुरक्षा दीवार पांच जगह से तोड़ी
Shantanu Roy
9 Aug 2026 2:57 PM IST

x
छग
Gaurela-Pendra-Marwahi. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही क्षेत्र में शनिवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो जंगली हाथी अचानक एक बालिका छात्रावास परिसर में घुस आए। हाथियों के छात्रावास परिसर में पहुंचने से वहां रह रही छात्राओं और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल एहतियाती कदम उठाते हुए छात्रावास में रह रही सभी 58 छात्राओं को आधी रात दूसरे सुरक्षित छात्रावास में शिफ्ट कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी छात्रा को चोट नहीं आई।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात दो हाथी जंगल की ओर से आगे बढ़ते हुए बालिका छात्रावास परिसर तक पहुंच गए। परिसर में पहुंचने के बाद हाथियों ने सुरक्षा दीवार को कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त कर दिया। बताया गया कि हाथियों ने दीवार को करीब पांच जगह से तोड़ दिया। इसके अलावा छात्रावास परिसर में मौजूद गार्ड रूम के दरवाजे और खिड़की को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया। अचानक हाथियों के परिसर में घुसने की जानकारी सामने आते ही प्रशासन और वन विभाग में हड़कंप मच गया। हाथियों के छात्रावास परिसर में पहुंचने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों और वन अमले ने पूरी रात मौके पर मौजूद रहकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी। टीम ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि हाथी छात्रावास में मौजूद छात्राओं या आसपास के लोगों की ओर न बढ़ें। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए छात्राओं को तत्काल वहां से हटाकर दूसरे छात्रावास में पहुंचाया गया।
बताया जा रहा है कि छात्रावास परिसर में लगे कटहल की खुशबू हाथियों को अपनी ओर आकर्षित कर सकती है। कटहल के पेड़ और उसकी खुशबू के कारण हाथियों के परिसर में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि वन विभाग की ओर से हाथियों के छात्रावास तक पहुंचने के कारणों की निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल और आबादी वाले क्षेत्रों के बीच हाथियों की आवाजाही के दौरान भोजन की तलाश उन्हें कई बार मानव बस्तियों के करीब ले आती है। इस घटना ने छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस सुरक्षा दीवार को हाथियों ने इस बार पांच स्थानों से तोड़ा है, उसके एक हिस्से को पहले भी हाथियों द्वारा तोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार दूसरी बार सुरक्षा दीवार के क्षतिग्रस्त होने से यह साफ हो गया है कि छात्रावास परिसर को हाथियों से सुरक्षित रखने के लिए मौजूदा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में अब स्थायी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने की जरूरत महसूस की जा रही है। वन विभाग के अनुसार, मरवाही क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तीन हाथियों का झुंड घूम रहा है। इसी झुंड में शामिल दो हाथी शनिवार देर रात छात्रावास परिसर तक पहुंच गए।
तीसरे हाथी की गतिविधियों पर भी वन विभाग नजर बनाए हुए है। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने हाथियों की संभावित आवाजाही वाले रास्तों की निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों और आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से छात्रावास और उसके आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। हाथियों के दोबारा छात्रावास परिसर में पहुंचने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें आबादी वाले इलाके से सुरक्षित तरीके से दूर करने का प्रयास करेगी। घटना के बाद छात्रावास अधीक्षक को सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं। इनमें छात्रावास परिसर के आसपास करीब पांच फीट गहरी खाई यानी ट्रेंच खोदने का सुझाव भी शामिल है। इसके साथ ही हाथियों द्वारा तोड़ी गई सुरक्षा दीवार की मरम्मत और परिसर की अन्य कमजोर जगहों को मजबूत करने की जरूरत बताई गई है। प्रशासन का उद्देश्य ऐसा इंतजाम तैयार करना है, जिससे भविष्य में हाथी दोबारा परिसर में प्रवेश न कर सकें।
TagsGaurela Pendra Marwahi NewsMarwahi Elephant NewsElephant AttackElephant In HostelChhattisgarh Elephant NewsForest DepartmentGirls HostelElephant HerdGPM NewsChhattisgarh Newsगौरेला पेंड्रा मरवाहीमरवाही हाथी खबरछात्रावास में हाथीहाथियों का आतंकछत्तीसगढ़ हाथी समाचारबालिका छात्रावास58 छात्राएंवन विभागहाथी दलमरवाही समाचारGaurela Pendra MarwahiElephant in HostelTerror of Elephants58 Girl StudentsMarwahi News
Next Story





