मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत मंत्रालय में दो दिवसीय प्रशिक्षण

रायपुर। राज्य शासन के कर्मचारियों को क्षमता निर्माण के लिए मिशन कर्मयोगी के तहत कौशल और योग्यता को बढ़ाने प्रशिक्षिण दिया जा रहा है। मंत्रालय महानदी भवन में आज से दो दिवसीय प्रशिक्षण 2 से 3 फरवरी तक आयोजित किया गया है।
जिसमें मंत्रालय महानदी भवन में कार्यरत संयुक्त सचिव से लेकर सभी स्तर के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के जरिये अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतत् सीखने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अधिकारी कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण सामान्य प्रशासन विभाग सचिव के मार्गदर्शन में अवर सचिव सुश्री अंजु सिंह द्वारा दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मंत्रालय स्तर पर क्षमता निर्माण एवं डिजीटल दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
बस्तर में छात्रों के भविष्य के लिए प्रशासन का सख्त कदम परीक्षाओं के मद्देनजर कोलाहल पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
बस्तर जिला प्रशासन ने आगामी स्कूली और महाविद्यालयीन परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई में किसी भी प्रकार का खलल न पड़े और वे एकाग्रचित्त होकर अपनी तैयारी कर सकें, इस उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आकाश छिकारा ने पूरे बस्तर जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। प्रशासन द्वारा जारी इस आदेश के अनुसार, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुबह 6 बजे से लेकर रात्रि 10 बजे तक लाउडस्पीकर, डीजे और तीव्र ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य यंत्रों के प्रयोग पर रोक रहेगी। कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाएं निकट हैं, ऐसे में शोर-शराबे से विद्यार्थियों के अध्ययन में व्यवधान उत्पन्न होना स्वाभाविक है, जिसे रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य था।
प्रशासन ने चेतावनी भी दी है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध अधिनियम की धारा 15 के तहत कड़ी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। हालांकि, सामाजिक और व्यावहारिक जरूरतों को समझते हुए प्रशासन ने एक विकल्प भी खुला रखा है। यदि किसी विशेष प्रयोजन के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग अत्यंत आवश्यक हो, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी या नगर दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेनी होगी। ये अधिकारी परिस्थिति की जांच कर सीमित अवधि के लिए अनुमति प्रदान करने हेतु सक्षम होंगे। यह आदेश पूरे परीक्षा काल तक प्रभावशील रहेगा।





