छत्तीसगढ़

गृहिणी से लखपति दीदी बनीं तुलेश्वरी, मशरूम उत्पादन से बदली जिंदगी

Shantanu Roy
21 April 2026 10:35 PM IST
गृहिणी से लखपति दीदी बनीं तुलेश्वरी, मशरूम उत्पादन से बदली जिंदगी
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छग
Raipur. रायपुर। अभनपुर ब्लॉक के ग्राम उमरपोटी की तुलेश्वरी सिन्हा ने मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन के दम पर सफलता की नई मिसाल पेश की है। एक समय साधारण गृहिणी रहीं तुलेश्वरी आज “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं और अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। तुलेश्वरी के जीवन में बदलाव तब आया, जब वे स्व-सहायता समूह “पहचान” से जुड़ीं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” के तहत उन्हें प्रशिक्षण मिला और ग्राम संगठन “मुस्कान” का सहयोग प्राप्त हुआ। इसी मार्गदर्शन के साथ उन्होंने मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू करने का निर्णय लिया।

शुरुआत में उन्होंने 60 हजार रुपये का ऋण लेकर छोटे स्तर पर मशरूम उत्पादन शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने अपने काम को विस्तार दिया और इसे एक सफल व्यवसाय में बदल दिया। आज वे स्थानीय बाजारों में मशरूम की आपूर्ति कर रही हैं और नियमित आय अर्जित कर रही हैं। तुलेश्वरी की सफलता यहीं तक सीमित नहीं है। वे अन्य गांवों की महिलाओं को भी मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके मार्गदर्शन से कई महिलाएं अब इस व्यवसाय से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। इसके अलावा तुलेश्वरी ग्राम संगठन में बुककीपर और लेखा कार्य भी संभाल रही हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। इस प्रकार उन्होंने अपने लिए आय के कई स्रोत तैयार कर लिए हैं।

जिला स्तर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में “बिहान” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के अवसर और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का मंच मिल रहा है। आज तुलेश्वरी की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। वे इस आय से अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपने व्यवसाय को भी आगे बढ़ा रही हैं। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सही दिशा और मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। तुलेश्वरी का कहना है कि “बिहान” से जुड़ने के बाद उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिला। अब वे आत्मनिर्भर हैं और आगे भी अपने कार्य को बढ़ाने का लक्ष्य रखती हैं। उनकी कहानी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है, जो यह दिखाती है कि छोटे प्रयास भी बड़ी सफलता में बदल सकते हैं।
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