छत्तीसगढ़

शराब विवाद में ट्रक चालक की हत्या, आरोपियों ने शव को था जलाया

Shantanu Roy
10 Dec 2025 9:29 PM IST
शराब विवाद में ट्रक चालक की हत्या, आरोपियों ने शव को था जलाया
x
छग
Bilaspur. बिलासपुर। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में शराब दुकान के पास हुई विवादित घटना में एक ट्रक चालक की निर्मम हत्या की गई। घटना 7 नवंबर की रात की है, जब गोपाल पिता मुन्ना कोल (26) निवासी सेमिया, थाना जुगैल, जिला सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) अपने वाहन के लिए बिलासपुर आया हुआ था और होटल ग्रैंड लोटस के पीछे बैठकर शराब पी रहा था। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और शराब पीने को लेकर गोपाल के साथ विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने पत्थर उठाकर गोपाल के सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को झाड़ियों में फेंककर सूखी झाड़ियों से आग लगा दी, ताकि मृतक की पहचान न हो सके। इसके बाद दोनों आरोपी तालाब में नहाए और खून के दाग धोए। पुलिस ने इस हत्या की जांच शुरू की और एक माह बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने स्थानीय सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, टावर डंप और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपीयों की पहचान की। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पता चला कि हत्या की योजना और हमला शराब पीने के दौरान हुई बहस का नतीजा था।
गिरफ्तार आरोपी:
अरुणदास मानिकपुरी (30), अभिलाषा परिसर तिफरा निवासी।
धनेश लोधी उर्फ राजू (34), यातायात नगर वार्ड नंबर 8 तिफरा निवासी।
दोनों आरोपियों ने हत्या करने की बात कबूल की और बताया कि हत्या के बाद उन्होंने गोपाल से पैसे और मोबाइल छीन लिए। बाद में मोबाइल नाली में फेंक दिया और पैसे आपस में बांट लिए।
घटना का विवरण
जांच में सामने आया कि घटना के समय गोपाल होटल ग्रैंड लोटस के पास शराब पी रहा था। तभी आरोपी भी वहां शराब पीने पहुंचे। शराब पीते समय गोपाल का विवाद धनेश लोधी उर्फ राजू से हुआ। दोनों आरोपियों ने मिलकर पत्थर से गोपाल के सिर पर हमला किया। मृतक की पहचान छुपाने के लिए शव और कपड़ों को आग लगा दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी सामान्य जीवन जीने लगे और आपस में हत्या से संबंधित बातचीत करते थे। यह बातचीत कुछ अन्य लोगों ने सुन ली, जिसे पुलिस तक सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने लगातार पतासाजी की और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
अपराधिक पृष्ठभूमि
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पहले से अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त थे। इनके खिलाफ अलग-अलग थानों में पांच से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। हत्या के बाद गोपाल का मोबाइल और पैसा ले जाने की पुष्टि हुई है। एसएसपी और सीएसपी ने कहा कि हत्या के मामले में सघन जांच, तकनीकी और स्थानीय स्रोतों की मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया। पुलिस ने कहा कि घटना ने यह साबित कर दिया कि शराब और विवाद कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
परिवार और परिजनों की प्रतिक्रिया
मृतक गोपाल के परिजन उत्तर प्रदेश से बिलासपुर आए थे। परिजन ने बताया कि गोपाल वाहन चलाने का काम करता था और वह नियमित रूप से उत्तर प्रदेश-बिलासपुर मार्ग पर यात्राएं करता था। हत्या की खबर सुनकर परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। एसएसपी और स्थानीय पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि शराब के सेवन और सड़क या सार्वजनिक जगह पर विवाद में न उलझें। पुलिस ने चेतावनी दी कि इस तरह के उपद्रवी और हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना नेटवर्क ने इस गंभीर हत्या के मामले को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Next Story