
x
छग
Raipur रायपुर। छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जिलों में मारपीट की तीन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। बिलासपुर में बिजली ऑपरेटर की करंट से मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग के डिवीजनल इंजीनियर (DE) को घेरकर मारपीट की। वहीं, महासमुंद में जन्मदिन के दौरान हो रहे शोर-शराबे का विरोध करने पर एक न्यायाधीश और उनके परिवार के साथ मारपीट का आरोप लगा है। तीसरी घटना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की है, जहां सरपंच के शराब पीने से रोकने पर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इस घटना में करीब 9 लोग घायल हुए हैं।
तीनों मामलों में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बिलासपुर में बिजली विभाग के अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। महासमुंद के मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम कुरेली में 31 अक्टूबर को बिजली ऑपरेटर अमन साहू (35) की करंट लगने से मौत हो गई थी। वह कुरेली सब स्टेशन में तैनात था। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करते हुए शव उठाने से रोक दिया।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद डीएसपी राजेश जोशी, डिवीजनल इंजीनियर मिलिंद पांडेय और विभाग के अन्य अधिकारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन देने की बात कही। इसी दौरान दोपहर करीब 3:15 बजे डीई कुछ ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए थोड़ी दूर गए। आरोप है कि तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया और लात-घूंसों तथा चप्पलों से हमला कर दिया।
मौके पर मौजूद दो आरक्षकों ने किसी तरह अधिकारी को भीड़ से बाहर निकाला। मारपीट में उनके कपड़े फट गए और शरीर पर चोटें आईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। देर रात डीई की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बिजली ऑपरेटर अमन साहू सब स्टेशन में बिना चप्पल पहने काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि फीडर ट्रिप होने के बाद वह उसे चालू करने पहुंचा था, तभी करंट की चपेट में आ गया। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।
दूसरी घटना महासमुंद से जुड़ी है। यहां कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी और उनके परिवार के साथ मारपीट का आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर की रात राजकिशोर नगर के जूनियर एमआईजी क्षेत्र में उनके घर के आसपास जन्मदिन के अवसर पर तेज आवाज में नगाड़े बजाए जा रहे थे और पटाखे फोड़े जा रहे थे।
शोर-शराबे से परेशान होकर न्यायाधीश घर से नीचे पहुंचे और आवाज कम करने की बात कही। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों के साथ विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि न्यायाधीश और उनके परिवार के सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।
मामले में दोनों पक्षों की ओर से काउंटर एफआईआर दर्ज कराई गई है। न्यायाधीश की शिकायत पर अभय बरुआ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, मगरपारा निवासी विनय वैद्य की शिकायत पर न्यायाधीश समेत तीन लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।
तीसरी घटना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सलिहा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशभाठा की है। यहां सरपंच द्वारा कुछ लोगों को शराब पीने से रोकने की बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर मारपीट हुई। घटना में दोनों पक्षों के करीब 9 लोग घायल हो गए।
मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। इन मामलों में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। छत्तीसगढ़ के इन तीनों मामलों में विवाद की वजह अलग-अलग रही, लेकिन तीनों घटनाओं में मारपीट और कानून व्यवस्था से जुड़े सवाल सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Next Story





