छत्तीसगढ़

निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद आदिवासी महिला और नवजात की मौत

Shantanu Roy
26 Jan 2026 6:45 PM IST
निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद आदिवासी महिला और नवजात की मौत
x
छग
Gariaband. गरियाबंद। गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड में संचालित लक्ष्मी नारायण निजी हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गया है। यहां डिलीवरी के बाद एक आदिवासी महिला प्रेमिन ध्रुव और उसके नवजात बच्चे की मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और परिजन अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। मृतका के परिजनों के अनुसार, प्रेमिन ध्रुव को प्रसव पीड़ा के दौरान लक्ष्मी नारायण निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई, लेकिन इस दौरान नवजात बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों के कहने पर मृत बच्चे के शव को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के दफना दिया गया। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

मृतका के भाई राज कुमार ध्रुव ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बताया गया था कि नवजात बच्चे का गला कटा हुआ था, जो ऑपरेशन के दौरान लापरवाही की ओर इशारा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रसूता की डिलीवरी में भारी लापरवाही बरती गई, जिसके चलते उसकी स्थिति गंभीर हो गई और रायपुर ले जाना पड़ा। राज कुमार ध्रुव ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय आदिवासी समाज में गुस्सा व्याप्त है। लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में गरीब और आदिवासी मरीजों के साथ लापरवाही आम बात हो गई है, लेकिन इस तरह मां और नवजात दोनों की मौत बेहद दुखद और गंभीर मामला है। परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं, अस्पताल के संचालक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गर्भवती महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी।

सुबह तक उसकी स्थिति सामान्य थी। शाम के समय जटिलताएं बढ़ने पर उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर कर दिया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि महिला की बाद में मृत्यु हुई और नवजात बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया था। अस्पताल संचालक का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. यू.एस. नवरत्ना ने बताया कि गायनेकोलॉजिस्ट की अध्यक्षता में सीनियर डॉक्टरों और विशेषज्ञों की एक जांच टीम गठित की गई है। इस पांच सदस्यीय टीम में गायनिकोलॉजिस्ट, सर्जिकल, मेडिसिन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ शामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नर्सिंग होम के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। CMHO ने यह भी बताया कि इससे पहले भी लक्ष्मी नारायण नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है और यह अस्पताल पूर्व में लंबे समय तक बंद भी रह चुका है। जांच दल अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
Tagsगरियाबंदछुरानिजी अस्पताललक्ष्मी नारायण हॉस्पिटलडिलीवरी में लापरवाहीआदिवासी महिला मौतनवजात की मौतस्वास्थ्य विभाग जांचGariabandChhuraprivate hospitalLaxmi Narayan Hospitalnegligence in deliverytribal woman deathnewborn deathhealth department investigationछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsNews of ChhattisgarhChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi NewsChhattisgarh News Liveजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story