छत्तीसगढ़

‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से घर बैठे जारी हुए जनजातीय प्रमाण-पत्र

Shantanu Roy
4 July 2026 6:21 PM IST
‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से घर बैठे जारी हुए जनजातीय प्रमाण-पत्र
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Durg. दुर्ग। दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ सरकार की डिजिटल सुशासन पहल ‘सेवा सेतु’ के तहत नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बोरई में 3 जुलाई 2026 को दो हितग्राहियों जय ठाकुर और यमुना ठाकुर के सामाजिक प्रास्थिति (अनुसूचित जनजाति–गोंड) प्रमाण-पत्र का आवेदन ऑनलाइन किया गया था। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी हरवंश सिंह मिरी द्वारा प्रमाण-पत्रों को स्वीकृत कर डिजिटल माध्यम से जारी किया गया।

यह पूरी प्रक्रिया सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से संपन्न हुई, जिसमें हितग्राहियों को किसी भी सरकारी कार्यालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं पड़ी। घर बैठे ही उन्हें आवश्यक प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए। ‘सेवा सेतु’ को राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को पारदर्शी, तेज और सरल तरीके से सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए विभिन्न विभागों की सैकड़ों सेवाएं एक ही ऑनलाइन सिस्टम पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत लगभग 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को काफी राहत मिली है और उन्हें दलालों व बिचौलियों से भी छुटकारा मिला है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से कामकाज में तेजी आई है और सरकारी सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है। खासकर जाति, निवास और अन्य प्रमाण-पत्र अब समय पर उपलब्ध हो रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि सेवा सेतु जैसी डिजिटल पहल आने वाले समय में ग्रामीण विकास और सुशासन को और मजबूत करेगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचने में मदद मिल रही है। इस प्रकार, दुर्ग जिले में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से हुई यह प्रक्रिया डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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