छत्तीसगढ़

जनगणना भवन परिसर का संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग को हस्तांतरण

Shantanu Roy
30 May 2025 7:03 PM IST
जनगणना भवन परिसर का संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग को हस्तांतरण
x
छग
Bhilai. भिलाई। सेक्टर-1, स्ट्रीट क्रमांक 8 और 10 के मध्य स्थित सामुदायिक विकास कार्यालय (सीडीओ) परिसर, जनगणना भवन तथा तार घर को 30 मई 2025 को एक सुनियोजित और औपचारिक प्रक्रिया के तहत भिलाई इस्पात संयंत्र के संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग (एलए एवं पीआर) को सुपुर्द कर दिया गया। यह महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई टाउनशिप सेवाएं विभाग (टीएसडी) के प्रवर्तन अनुभाग द्वारा पूर्ण की गई, जिसमें पूर्व में खाली कराए गए भवन को अब संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग के कार्यालय संचालन हेतु सौंपा गया।
इस अवसर पर एलए एवं पीआर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों — महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) अमूल्य प्रियदर्शी, महाप्रबंधक (जनसंपर्क) प्रशांत तिवारी, महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) सौमिक डे, सहायक महाप्रबंधक (जनसंपर्क) अपर्णा चंद्रा एवं जवाहर बाजपेयी ने औपचारिक रूप से भवन परिसर का अधिग्रहण किया। स्थानांतरण प्रक्रिया की शुभ शुरुआत भूमि पूजन के साथ की गई, जिसमें सकारात्मक ऊर्जा और विभागीय एकजुटता का वातावरण देखने को मिला।
पूर्व अतिक्रमण हटाने की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह सम्पत्ति लंबे समय से कब्जे में थी और इसे वैधानिक आदेशों के आधार पर मुक्त कराकर अब विभागीय उपयोग में लाया गया है। 27 मार्च 2025 को माननीय एस्टेट कोर्ट द्वारा डिक्री आदेश क्रमांक 72/2024 पारित किया गया था, जिसके अनुपालन में 4 अप्रैल 2025 को जनगणना भवन परिसर से अतिक्रमण हटाया गया। इसके बाद 28 मई 2025 को न्यायालय के निर्देश के अनुरूप सील किए गए भवन को 30 मई 2025 की सुबह विधिवत खोला गया।
इस समस्त प्रक्रिया में संपदा न्यायालय, भट्टी थाना पुलिस, टीएसडी प्रवर्तन विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग, सुरक्षा बल (जिसमें महिला गार्ड भी शामिल रहीं), भूमि अनुभाग, एस्टेट कोर्ट और जनसंपर्क विभाग के लगभग 150 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सहभागिता रही। संपूर्ण प्रक्रिया अनुशासित, शांतिपूर्ण एवं न्यायिक आदेशों के अंतर्गत संपन्न हुई।
प्रमुख अधिकारी और विभागीय सहभागिता
इस कार्रवाई में शामिल प्रमुख अधिकारियों में कार्यपालक मजिस्ट्रेट (संपदा न्यायालय), भट्टी थाना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, महाप्रबंधक (टीएसडी-प्रवर्तन) के.के. यादव, उपमहाप्रबंधक (टीएसडी) सुरजीत मलिक, सहायक प्रबंधक (टीएसडी-राजस्व) पंकज कुमार सिंह, सहायक प्रबंधक (एस्टेट कोर्ट) दीपक कुमार विश्वकर्मा, सहायक प्रबंधक (संपदा) देवानंद चौहान, तथा सहायक प्रबंधक (जन स्वास्थ्य विभाग) मुकुंद दास माणिकपुरी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पूर्व कब्जाधारियों को ससम्मान संपत्ति सुपुर्दगी
न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पूर्ववर्ती कब्जाधारियों की निजी वस्तुओं की पहचान कर दस्तावेजीकृत रूप से सुपुर्दगी की गई। जेपी सीमेंट के प्रतिनिधि को भी आवश्यक सामग्री न्यायालय की अनुमति अनुसार पंचनामा बनाकर सौंपी गई, जिसे संध्या न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। शेष वस्तुओं को भवन के सुरक्षित कक्षों में गवाहों की उपस्थिति में समाहित कर पुनः सील किया गया। पूरी प्रक्रिया को जनसंपर्क विभाग द्वारा फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के माध्यम से दस्तावेजीकृत किया गया, जिससे पारदर्शिता और विधिक प्रमाणिकता सुनिश्चित हो सके। इस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाइयों का उद्देश्य न केवल न्यायिक आदेशों का सम्मान करना है, बल्कि संगठनात्मक कार्यों की सुव्यवस्था और पारदर्शिता बनाए रखना भी है।
भविष्य की दिशा
इस भवन परिसर के अधिग्रहण से संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यक्षमता में वृद्धि की अपेक्षा की जा रही है। नए कार्यालय के रूप में विकसित हो रहे जनगणना भवन परिसर से विभागीय समन्वय और दक्षता में और मजबूती आएगी। यह कार्रवाई न केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि है, बल्कि न्यायिक आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठनात्मक अनुशासन की भी एक मिसाल है।
Next Story