
मत्सय विभाग और पुलिस विभाग की मिली भगत से जहरीली मांगुर मछली की बिक्री जोरों पर
जनता से रिश्ता अख़बार विगत 10 सालों से जहरीली मांगुर के प्रतिबंध लगने के बाद से लगातार खबरें प्रकाशित कर काले कारनामें को उजागर कर रही है...
रायपुर। रायपुर सहित प्रदेश भर में बिक रही नकली मोंगरी मछली असल में जहरीली मांगुर हैं। YouTuber के एक वीडियो ने सच्चाई खोलकर रख दी। मछली विक्रेता का डर इतना है कि वीडियो कैमरा देखकर बोलता है कि आप मीडिया वाले हो जो वीडियो में साफ़ आवाज़ सुनाई दे रहा है यूट्यूबर कहता है कि नहीं हम मीडिया वाले नहीं यूट्यूब के लिए वीडियो बनाते हैं। मछली मार्केट रायपुर में खुलेआम जहरीली प्रतिबंधित मांगुर मछली बेधड़क बेचीं जा रही है।
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ज़हरीली माँगुर मछली को मोगरी बनाकर रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में जनता को बेवक़ूफ़ बनाकर ख़तरनाक कैंसर जैसी बीमारी फैलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार सहित पूरे भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफ़ारिश पर मांगुर मछली को कैंसर जैसे महारोग बीमारी का कारक माना गया हैं। और इसीलिए पूरे विश्व सहित भारत में भी प्रतिबंध किया गया। मांगुर मछली को पैदा करने एव पालन बिक्री और खाने पर प्रतिबंध लगाया गया हैं। कड़े से कड़े सजा के प्रावधान मागुर मछली के पालने वाले को और बिक्री करने वालों पर लगाया गया है। लेकिन छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने मतस्य पालन विभाग और छत्तीसगढ़ पुलिस अपनी आँख बंदकर ज़हरीली मछली का उत्पादन और विक्रय अपने आँखों के सामने खुले बाज़ार में होने दे रही है।
मछली माफ़िया के पीछे छुटभैये कांग्रेसी नेता और कुछ वर्तमान के नेता भी शामिल होना बताया जा रहा हैं। छत्तीसगढ़ के खुले बाज़ारों में ज़हरीली मागुर मछली खुलेआम मोंगरी मछली के नाम से बेचा जा रहा है। छत्तीसगढ़ में अधिकांश मांगुर मछली पालन ग्रामीण अंचलों में छोटे छोटे तलाबों और एनीकट में पालन और संचालन किया जा रहा है। दुर्ग, रायपुर,अभनपुर, माना, डुंडा-सेजबहार, धमतरी , चारामा (कांकेर) , जगदलपुर, बसना , सरायपाली, बलौदाबाजार , मंदिर हसौद, खरोरा, तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में जहरीली मांगुर का उत्पादन और पालन किया जा रहा है।





