हजार करोड़ की तालपुरी घोटाला: गृह निर्माण मंडल जांच फाइल की चोरी, विभाग संशय में

गृह निर्माण मंडल को भ्रष्ट अधिकारियों ने पूरी तरह से खोखला कर दिया
भ्रष्टाचार के प्रमाण मिलने के बाद भी लगातार प्रमोट हुए भ्रष्ट अधिकारी, आयुक्त को कर रहे गुमराह
भ्रष्ट अधिकारियों ने बिल्डर के साथ मिलकर बोर्ड के हाउसिंग के प्रोजेक्ट को फेल कराया
शासन हाउिसंग बोर्ड के सभी प्रोजेक्टों की सघन जांच करे तो हो सकता है बड़ा खुलासा
गृह निर्माण मंडल को भ्रष्ट अधिकारियों ने निजी जागीर की तरह उपयोग किया
घटिया निर्माण के कारण हाउसिंग बोर्ड की अरबों के प्रोजेक्ट कबाड़ में तब्दील
हाउसिंग बोर्ड की अरबों की संपत्ति के लिए नहीं मिल रहे खरीददार
करोड़ों के प्रोजेक्ट बनाकर मौके की जमीन पहले ही अपने परिवार के नाम खरीदी कर बिल्डरों से मिलाया हाथ
बिना प्लानिंग, बिना डिमांड, मनमाने ढंग से कमाई को एक नंबर में लगाने तलाशते है जमीन
रायपुर (जसेरि)। भ्रष्ट अधिकारियों ने गृह निर्माण मंडल को पूरी तरह से खोखला कर दिया है। बिना प्लानिंग, बिना डिमांड, मनमाने ढंग से पहले अपनी कमाई के लिए जमीन तलाशते हैं । गृह निर्माण मंडल के भूमि अधिग्रहण के पहले आसपास की सभी भूमि को चिन्हित कर गृह निर्माण मंडल के ये दो भ्रष्ट अधिकारी अपने सहयोगी भ्रष्टाचारियों के साथ मिलकर कमाए गए पैसे को सही उपयोग में लगाते हुए गृह निर्माण मंडल की योजनाएं लागू होने के पहले ही आसपास की सभी बेशकीमती कमर्शियल भूमि बेनामी संपत्ति के नाम पर क्रय की जाती है और बिल्डर को पार्टनर बनाकर गृह निर्माण मंडल से पहले ही आसपास की भूमि में प्लाटिंग की व्यवस्था अधिकारी अपनी मिली भगत और ताकत से करते हैं।
इसी चक्कर में गृह निर्माण मंडल के न मकान बिकते हैं न लैट बिकता है और बिल्डर द्वारा निर्मित सभी लैट और सभी प्लांट पहले बिक जाते हैं । हाउसिंग बोर्ड के सभी प्रोजेक्ट में ठेकेदारों से 30 से 35त्न कमीशन के चक्कर में घटिया निर्माण किए जाने के कारण से हाउसिंग बोर्ड के कोई भी प्रोजेक्ट को सफलता नहीं मिलती । लैट और कई सारे प्रोजेक्ट पड़े पड़े खराब और कंडम हो गए और कबाड़ बन गए हैं। भ्रष्टाचारियों ने सारी हदें पार कर दी है। पिछले 20 से 25 सालों से गृह निर्माण मंडल को अपनी जागीर समझकर मनमाने ढंग से तालपुरी घोटाला, अभिलाषा परिसर का घोटाला और हिमालय हाइट जैसे घोटाले 1500 से 2000 करोड़ के करीब है । जिसकी गहराई से जांच शासन करे तथा एक-एक इंच जमीन का हिसाब ले और भौतिक सत्यापन किया जाए तो सच्चाई सामने आएगी । टेंडर बुक के विपरीत जाकर प्रोजेक्ट को अनाप-शनाप ढंग से ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार से सभी पूरा काम कराया गया। टेंडर की शर्तों का उल्लंघन भी किया गया । अतिरिक्त निर्माण भी कराया गया । अतिरिक्त मकान भी बनाए गए और फिर उस मकान में कब्जा भी किया गया।
तालपुरी घोटाले में भारी अनियमिता हुई है। एक ही ठेके के ऊपर दूसरा ठेका जैसा गंभीर अपराध बार-बार किया गया । लोक आयोग के पास जनता से रिश्ता ने पिछले 20 सालों के सभी दस्तावेज सूचना के अधिकार में प्राप्त कर मय शपथ पत्र जमा कराए हैं । लगातार पांच सालों से पेशी उपरांत सभी प्रकार की जांच लगातार लोक आयोग द्वारा की गई और आवेदक पप्पू फरिश्ता के शपथ पत्र के आधार पर बयान भी दर्ज कराया गया प्रकरण एक फरवरी 2020 में लोक आयोग में पंजीयन किया गया, तब से लेकर आज तक गृह निर्माण मंडल के अधिकारी कोई न कोई बहाने से जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे है। हद तो तब हो गई जब भूपेश सरकार के समय सिवाय पेशी देने के अलावा कोई कार्य निष्पादन नहीं हुआ जांच को पूर्ण नहीं किया गया। न ही दोषी अधिकारी को सजा दी गई । पिछली पेशी दिनांक दिनांक 7 मई 2025 में गृह निर्माण मंडल के कमिश्नर को कोर्ट ने समन जारी कर तलब किया गया था द्य गृह निर्माण मंडल कोई भी जवाब नहीं दिया गया। अब आने वाली तारीख 27 जून 2025 गृह निर्माण मंडल के कमिश्नर को व्यक्तिगत उपस्थिति का समन जारी हुआ है।--
जनता से रिश्ता से बातचीत में प्रशासनीक अधिकारी पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि बहुत जल्द आगामी पेशी तिथि में गृहनिर्माण मंडल की तरफ से सभी जांच व दस्तावेज सहित जानकारी दी जाएगी।
- पुलक भट्टाचार्य
प्रशासनीक अधिकारी





