
बिलासपुर। सीपत थाना दीपावली के दिन राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गया। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पोस्टर थाने के सार्वजनिक शौचालय में दरवाजे के रूप में लगा पाने के बाद गरमाया। यह पोस्टर सुशासन पखवाड़ा का है। शौचालय का गेट टूट जाने के कारण पुलिस कर्मियों ने इसे अस्थायी रूप से दरवाजे की जगह उपयोग में ले लिया। मंगलवार को जैसे ही इसकी खबर भाजपा कार्यकर्ताओं को लगी, थाने में हंगामा मच गया।
भाजपा जिला ग्रामीण उपाध्यक्ष राज्यवर्धन कौशिक, मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा, उपाध्यक्ष अभिलेष यादव, वरिष्ठ नेता मन्नू ठाकुर, मदनलाल पाटनवार, बसंत साहू, भाजयुमो अध्यक्ष तुषार चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने पहुंच गए और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी गोपाल सतपथी पर आरोप लगाया कि उनके संरक्षण में अवैध शराब कारोबार और आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। थाना परिसर में बंद कमरों में बाहरी लोगों को बुलाकर शराबखोरी भी की जाती है। सूचना मिलते ही डीएसपी निमितेश सिंह मौके पर पहुंचे और नाराज़ भाजपा कार्यकर्ताओं से चर्चा की। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर को शौचालय में लगाने वाले पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। डीएसपी ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद कार्यकर्ता शांत हुए।
मौके पर भाजपा के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें उर्विजेश कौशिक, नारायण साहू, अनिल साहू, ललित यादव, वैभव तंबोली, विशाल तंबोली, पुष्पेंद्र दास, रिंकू शर्मा, विक्रम राजपूत, जयशंकर साहू, मनीष जायसवाल, दिनेश विजय, परमेश्वर साहू, प्रमोद शर्मा, कुलदीप यादव, शुभम यादव, सोनू रजक और अन्य कार्यकर्ता शामिल थे। भाजपा नेताओं ने कहा कि जब तक थाना प्रभारी को हटाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे। डीएसपी ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जाएंगे। भाजपा सीपत मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा ने आरोप लगाया है कि थाना लोकार्पण के दौरान लगाया गया शिलालेख अब परिसर से हटा दिया गया है। उन्होंने इसे भी बड़ी अनियमितता बताते हुए जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।





