छत्तीसगढ़

सरगुजा में नहीं रहेगा कोई एकल शिक्षकीय स्कूल, कलेक्टर ने शिक्षा गुणवत्ता सुधारने दिए सख्त निर्देश

Shantanu Roy
12 Jun 2026 11:33 PM IST
सरगुजा में नहीं रहेगा कोई एकल शिक्षकीय स्कूल, कलेक्टर ने शिक्षा गुणवत्ता सुधारने दिए सख्त निर्देश
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Surguja. सरगुजा। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अजीत वसंत ने स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले में अब कोई भी स्कूल एकल शिक्षकीय नहीं रहेगा और जहां केवल एक शिक्षक पदस्थ हैं, वहां अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति जल्द सुनिश्चित की जाए। जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा परिणाम, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या और आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम दो और माध्यमिक विद्यालयों में न्यूनतम तीन शिक्षक अनिवार्य रूप से पदस्थ रहें। जिन स्कूलों में वर्तमान में केवल एक शिक्षक कार्यरत हैं, वहां तत्काल अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की जाए। बैठक के दौरान भवनविहीन और बिजलीविहीन स्कूलों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ऐसे सभी विद्यालयों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जोड़ने के लिए सभी स्कूलों में न्यूज डेस्क स्थापित किए जाएं तथा विद्यार्थियों को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
पिछले शैक्षणिक सत्र के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की सराहना की। वहीं अपेक्षाकृत कमजोर परिणाम वाले स्कूलों को सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों की निगरानी सीधे जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर की जाए, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (पीवीटीजी) समुदाय के विद्यार्थियों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे बच्चों को अगली कक्षाओं में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया पर विशेष फोकस रखा जाए। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों में अध्ययनरत उन विद्यार्थियों की सूची तैयार करने को कहा, जो इस वर्ष पांचवीं और आठवीं की परीक्षा दे रहे हैं।
आगामी 16 जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए कलेक्टर ने सभी स्कूलों में आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के सफल आयोजन, स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर और भवन मरम्मत जैसे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा। बैठक में विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बन चुके हैं, उनके आधार कार्ड जल्द तैयार कराए जाएं, ताकि अपार आईडी निर्माण का कार्य समय पर पूरा हो सके। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आवश्यक दस्तावेजों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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