छत्तीसगढ़

शराब के नशे में तहसील कार्यालय में हंगामा, लिपिक प्रवीण कुमार लकड़ा निलंबित

Shantanu Roy
12 Sept 2025 9:59 PM IST
शराब के नशे में तहसील कार्यालय में हंगामा, लिपिक प्रवीण कुमार लकड़ा निलंबित
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Balrampur. बलरामपुर। बलरामपुर जिले में सरकारी कार्यालय में अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है। तहसील कार्यालय रामानुजगंज में सहायक ग्रेड-03 के पद पर कार्यरत प्रवीण कुमार लकड़ा ने शराब के नशे में धुत होकर घंटों हंगामा मचाया। इस घटना से कार्यालय का कार्य बाधित हुआ और कर्मचारियों सहित आमजन में असंतोष फैल गया। मामला कलेक्टर तक पहुँचा, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रवीण कुमार लकड़ा को निलंबित कर दिया। कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने आदेश जारी कर कहा कि प्रवीण कुमार लकड़ा का मुख्यालय जिला निर्वाचन कार्यालय (स्थानीय) बलरामपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1)(क) के तहत की गई है।

बताया गया कि तहसील कार्यालय में प्रवीण कुमार लकड़ा ने शराब के नशे में रहते हुए काम में लापरवाही बरती और कार्यालय में उपस्थित लोगों से अभद्र भाषा का प्रयोग कर हंगामा किया। इस प्रकार का व्यवहार न केवल कार्यालय के अनुशासन को प्रभावित करता है, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली को भी बाधित करता है। घटना के समय कार्यालय में कार्यरत अन्य कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कुछ स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन को सूचित कर स्थिति की गंभीरता बताई। इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई कर निलंबन आदेश जारी किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और कार्य दक्षता बनाए रखना आवश्यक है।

किसी भी कर्मचारी द्वारा अनुशासनहीनता और कार्यालय की गरिमा को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि सरकारी सेवक को अपने आचरण में संयम रखना चाहिए ताकि जनता को बेहतर सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और कार्यालय में अनुशासन का पालन सुनिश्चित करें। इस घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। साथ ही, अन्य कर्मचारियों के लिए यह संदेश भी है कि सार्वजनिक सेवा के दायित्वों का पालन करते समय संयम और अनुशासन सर्वोपरि है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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