छत्तीसगढ़

न नीति है न नेता आयातित, दागी और भ्रष्टाचारीयों को ढूंढ-ढूंढ कर बना रहे भाजपा प्रत्याशी

Shantanu Roy
26 Aug 2023 2:10 PM GMT
न नीति है न नेता आयातित, दागी और भ्रष्टाचारीयों को ढूंढ-ढूंढ कर बना रहे भाजपा प्रत्याशी
x
छग
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के कैडर आधारित, कार्यकर्त्ताओं की पार्टी होने का दावा भी जुमला है। राजिम और डोंडी लोहारा में दूसरे दलों से आयातित व्यक्ति को प्रत्यासी बनाने और उसके बाद अब केशकाल में एक नौकरशाह को पार्टी प्रवेश कराके तत्काल भाजपा का प्रत्याशी घोषित करना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी चुनाव से पहले ही हार मान चुकी है। भाजपा के अधिनायकवादी फैसला और आम कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के हक का गला घोटे जाने के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में असंतोष है। केशकाल में तो नीलकंठ टेकाम की उम्मीदवारी के खिलाफ़ स्थानीय कार्यकर्ताओं ने विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में भाजपा के कार्यकर्ता संसय की स्थिती में हैं, भाजपा में जो तय हो रहा है वो उनके स्थानीय नेताओं और समर्पित कार्यकर्त्ताओं के लिए भी अप्रत्याशित है। 15 साल के मठाधीशो का अलग फरमान और फार्मूला है। पद और टिकट हथियाने, काटने और दिलाने नित नए षड़यंत्र रचे जा रहे हैं। अविश्वसनीयता का आलम यह है कि अमित शाह और ओम माथुर को बूथ कमेटी की बैठक लेने खुद आना पड़ रहा है। सामान्यता प्रभारी, ऑब्जर्वर और स्टार प्रचारक तो दूसरे राज्यों से आते हैं कुछ कार्यकर्ता सहयोगी के रूप में भी आते हैं, लेकिन पहली बार 90 विधानसभा में भाजपा के गुजरात और महाराष्ट्र के 90 विधायकों को प्रबंधक की भूमिका में ठेके पर बुलाया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा के प्रत्याशी चयन के संदर्भ में पूर्व में किए गए सारे दावे जुमले साबित हुए हैं। इनको ना परिवारवाद से परहेज है, न भ्रष्टाचार कोई मुद्दा है। विचारधारा और निष्ठा भी जुमले हैं। रमन सिंह के भांजे को खैरागढ़ से, पूर्व सांसद की पुत्री को सरायपाली से उतारना परिवारवाद पर भाजपा दोहरा चरित्र है, अभी तो खुद रमन सिंह और उनके पुत्र अभिषेक सिंह के साथ अमर अग्रवाल, केदार कश्यप जैसे अनेकों नेता भी टिकट के कतार में है। प्रियदर्शनी सहकारी बैंक में भ्रष्टाचार के आरोपी को प्रत्याशी बनाएं, 2018 में हारे हुए लखनलाल देवांगन को भी पहली सूची में स्थान मिला है। दूसरे दलों से आयातित अवसरवादियों पर भाजपा का विशेष स्नेह है, हाल ही में जोगी कांग्रेस से आए व्यक्ति को राजिम से और कांग्रेस से निष्कासित व्यक्ति को डोंडी लोहारा से प्रत्याशी बनाना इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भरोसे की सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिये भाजपा के भीतर प्रत्याशियों का संकट है।
Tagsछत्तीसगढ़ न्यूज हिंदीछत्तीसगढ़ न्यूजछत्तीसगढ़ की खबरछत्तीसगढ़ लेटेस्ट न्यूजछत्तीसगढ़ क्राइमछत्तीसगढ़ न्यूज अपडेटछत्तीसगढ़ हिंदी न्यूज टुडेछत्तीसगढ़ हिंदीन्यूज हिंदी न्यूज छत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ हिंदी खबरछत्तीसगढ़ समाचार लाइवChhattisgarh News HindiChhattisgarh NewsChhattisgarh Ki KhabarChhattisgarh Latest NewsChhattisgarh CrimeChhattisgarh News UpdateChhattisgarh Hindi News TodayChhattisgarh HindiNews Hindi News ChhattisgarhChhattisgarh Hindi KhabarChhattisgarh News Liveदिन की बड़ी ख़बरअपराध खबरजनता से रिश्ता खबरदेशभर की बड़ी खबरताज़ा समाचारआज की बड़ी खबरआज की महत्वपूर्ण खबरहिंदी खबरजनता से रिश्ताबड़ी खबरदेश-दुनिया की खबरराज्यवार खबरहिंदी समाचारआज का समाचारबड़ा समाचारनया समाचारदैनिक समाचारब्रेकिंग न्यूजBIG NEWS OF THE DAYCRIME NEWSLATEST NEWSTODAY'S BIG NEWSTODAY'S IMPORTANT NEWSHINDI NEWSJANATA SE RISHTABIG NEWSCOUNTRY-WORLD NEWSSTATE-WISE NEWSTODAY NEWSNEWS UPDATEDAILY NEWSBREAKING NEWS
Shantanu Roy

Shantanu Roy

    Next Story