पीएम ग्राम सड़क योजना में मची है लूटमार, सरकार हो रही कंगाल, ठेकेदार मालामाल

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में घोटाले पर घोटाला
पीएम ग्राम सड़क योजना में मची है लूटमार सरकार हो रही कंगाल ठेकेदार मालामाल
पुराने ठेकेदारों के चल देयक से विलंब पेनाल्टी की षड्यंत्र कर मोटी रकम लेकर चल रहा वापसी का खेल
पीएम ग्राम सड़क योजना में
ठेकेदारों से ली पेनाल्टी की राशि वापसी पर सौदेबाजी
पेनाल्टी की वापसी में सौदेबाजी, फिफ्टी-फिफ्टी का चल रहा खेल
भ्रष्ट अधिकारियों ने चोला-पाला बदल कर पीएम ग्राम सडक़ योजना में घोटाले को अंजाम दिया
घटिया निर्णाण पर लगी पेनाल्टी राशि वापसी के लिए गुणवत्ता प्रमाण पत्र बेच रहे पीएम ग्राम सडक़ के अधिकारी
भूपेश शासन काल के भ्रष्ट अधिकारी ने चलाया महा घोटाले का खेल
रायपुर (जसेरि) । भ्रष्ट अधिकारियों ने चोला-पाला बदल कर पीएम ग्राम सडक़ योजना में घोटाले को अंजाम दिया । पीएम ग्राम सड़क योजना में वर्षों पुराने ठेकेदारों के चल देयक से विलंब पेनाल्टी राशि काटी गई थी उसे षडयंत्र के तहत मोटीा रकम लेकर वापस की जा रही है जिसकी जांच होने पर बड़ा खुलासा हो सकता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना में भारी घोटाला विगत 5 से 10 सालों के बीच में पूरे राज्य की प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना में घटिया निर्माण और घटिया दर्जे के सामग्री लगाने के आरोपित ठेकेदारों को बड़ी पेनल्टी ली गई थी, पेनाल्टी विगत 5से 10 सालों की जो डिफाल्टर ठेकेदारों से पेनाल्टी ली गई थी वह अब प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के बड़े अधिकारियों के निर्देश पर सौदेबाजी कर गुणवत्ता प्रमाणपत्र के एवज में ठेकेदारों को क्लीन चिट देने के काटी गई पेनाल्टी की राशि लौटाने का खेल अधिकारी और ठेकेदारों के मिली भगत से चल रही है। पेनाल्टी की राशि वापस की जा रही है तथा पेनाल्टी की राशि में 40 से 50 परसेंट अधिकारी अपना हिस्सा मांग रहे और सभी ठेकेदारों के साथ इस तरीके का व्यवहार पूरे प्रदेश में किया जा रहा है । अब सवाल यह उठता है कि सडक़ निर्माण होने का सर्टिफिकेट दिया जा रहा है। अब उनकी सभी घटिया और दोयम दर्जे की निर्माण को गुणवत्ता प्रमाण पत्र औऱ सुरक्षित हो जाएगा और करोड़ो अरबों का घोटाला नंबर एक में आ जाएगा। जनता से टैक्स रूप में लिया गया पैसा पीएम ग्राम सडक़ वाले अपनी मौज मस्ती में उड़ा रहे है। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के सभी बड़े अधिकारी सरकार और मंत्री का नाम इस तरीके की हरकतों से खराब कर रहे हैं जबकि सरकार को और मंत्री को इस सभी अनैतिक कार्यों की जानकारी नहीं है । बड़े अधिकारी वर्षों से प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के नाम पर सडक़ बनाने के बजाय जनता के टैक्स के पैसे को लूट कर अधिकारी और ठेकेदार अपना हवेली और ताजमहल बना रहे है।
शिकायत कर्ता विजय कुमार पोद्दार ने पीएम ग्राम सडक़ योजना में चल रहे लूट के खेल की शिकायत मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, छग, ग्रासविअभि.मंत्रालय नवा रायपुर, एसएसपी अमरेश मिश्रा आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो तेलीबांधा, लोकायुक्त रायपुर औऱ सभी समाचार पत्रों को उपरोक्त शिकायत की प्रति प्रेषित की है।
विजय कुमार पोद्दार ने जारी विज्ञप्ति में लिखा है कि पीएम ग्राम सड़क के अधिकारी व्दारा अपने अधिनस्थ छग प्रदेश के समस्त कायऱ्पालन अभियंताओं को निर्देश जारी किया है कि 5 से 10 वर्ष पुराने कार्यों में विलंब राशि काटी गई थी, उसे वापस करने का सौदा 40 -50 प्रतिशत घूस लेते हुए वापस करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। कई ठेकेदारों की राशि वापस की जा चुकी है। प्रदेश स्तर पर यह कार्यवाही चल रही है। विलंब पेनाल्टी राशि जो 10 लाख रूपए से लेकर 90 लाख रूपए एक-एक ठेकेदारों के होते है। विजय कुमार पोद्दार ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि तत्काल इस पर रोक लगाते हुए इसकी जांच कराएं ताकि अब तक के कितने अरब के घोटाले हुए है उसका खुलासा हो सके । विजय कुमार पोद्दार ने यह भी लिखा है कि यही अधिकारी 2015-16 में भी घोटाला करने वालों में चर्चित अधिकारी रहे थे।





