नारायणपुर। अबूझमाड़िया जनजाति के लोग सरकारी नौकरी नहीं मिलने की वजह से परेशान हो रहे हैं. अबूझमाड़िया एक विशेष पिछड़ी जनजाति है. छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जा रही है. सरगुजा संभाग के सभी जिलों और दूसरे जिलों में भर्ती प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी है. लेकिन नारायणपुर जिले में अबूझमाड़िया जनजाति के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. सरकारी नौकरी नहीं मिलने से विशेष पिछड़ी अबुझमाड़िया जनजाति वर्ग के युवा निराश हैं.
अबूझमाड़िया को मेटाभूम (भूमि पर मर मिटने वाला) कहा जाता है. इनकी जनसंख्या करीब 22,000 है. साक्षरता दर भी कम है. ज्यादातर अबूझमाड़िया लोग नारायणपुर जिले में रहते हैं. अबूझमाड़िया जनजाति के युवाओं का कहना है कि सरकारी नौकरी नहीं मिलने से बहुत परेशानी हो रही है.
दरअसल छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के मुताबिक नारायणपुर जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति का सर्वे कराकर तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के पद पर भर्ती किया जाने का प्रावधान है. इसके तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अबूझमाड़िया युवाओं को सरकारी नौकरी दी जानी है, जिसका फायदा नहीं मिल रहा है. अबूझमाड़िया जनजाति के युवाओं ने सरकारी नौकरी नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है.