छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी की चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा

Shantanu Roy
25 Oct 2026 5:34 PM IST
छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी की चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा
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Raipur. रायपुर। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब अवदाब में बदल गया है और इसके तेजी से शक्तिशाली चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में गहन अवदाब से चक्रवाती तूफान और फिर प्रचंड चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 28 अक्टूबर 2026 की सुबह से पूर्वाह्न के बीच आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने और बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच तट से टकराने की प्रबल संभावना जताई गई है। तूफान के तट से टकराने के दौरान अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की आशंका है। हवा के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इतनी तेज हवाओं के कारण तटीय क्षेत्रों में नुकसान की आशंका को देखते हुए मौसम के अगले अपडेट और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर नजर रखना जरूरी होगा।

बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ मौसम तंत्र
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र सघन होकर अवदाब में बदल गया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, यह सिस्टम अक्षांश 15.8 डिग्री उत्तर और देशांतर 90.7 डिग्री पूर्व के निकट केंद्रित था। उस समय यह अंडमान द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम से लगभग 510 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपश्चिम में स्थित था। वहीं, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से इसकी दूरी करीब 820 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, काकीनाडा से 910 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम से 1,020 किलोमीटर पूर्व और बापटला से लगभग 1,100 किलोमीटर पूर्व बताई गई थी। मौसम तंत्र के मजबूत होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है।

26 से 28 अक्टूबर तक बढ़ सकती है तूफान की ताकत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 25 अक्टूबर को यह सिस्टम पहले दक्षिण दिशा में बढ़ सकता है और इसके गहन अवदाब में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा की ओर मुड़ेगा। 26 अक्टूबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। इसके बाद 27 अक्टूबर की सुबह तक यह गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। 28 अक्टूबर की सुबह तक इसके अति प्रचंड चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है।

115 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार कर सकता है। इस दौरान हवाओं की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। इतनी तेज हवाओं से पेड़ों, बिजली के खंभों, कच्चे मकानों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।

आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 25 अक्टूबर के उपखंडवार पूर्वानुमान में तटीय आंध्र प्रदेश के लिए 27 और 28 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26 अक्टूबर को भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। तूफान की दिशा, गति और तीव्रता में बदलाव के साथ इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों का अनुमान भी बदल सकता है। इसलिए ताजा मौसम बुलेटिन पर नजर रखना जरूरी है। फिलहाल सबसे ज्यादा ध्यान 28 अक्टूबर को संभावित तट पर पहुंचने और उसके आसपास के जिलों में बारिश तथा तेज हवाओं के प्रभाव पर है। लोगों को समुद्र में जाने से संबंधित चेतावनियों और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
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