जनता से रिश्ता में खबर छपते ही अधिकारियों को दोबारा जारी करना पड़ा संशोधित आदेश

जनता से रिश्ता की खबर का असर
ईपीएफ़ कानून दो गलत आदेश बाद, तीसरा सही निर्देश लोनिवि ईएनसी द्वारा जारी
रायपुर । जनता से रिश्ता ने पीएफ लागू करने के मामले में लापरवाही बरतने के मामने के प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिस पर ईएनसी ने संज्ञान लेकर तत्काल पीएफ लागू करने आदेश जारी किया है। लोक निर्माण विभाग में बिना नियुक्ति पत्र बिना रिक्त पद के आवश्यकता अनुसार 6442 आकस्मिक श्रमिक उच्च कुशल, कुशल, अर्धकुशल, अकुशल श्रेणी में कार्यरत है जो 60 डिवीजनों अंतर्गत सेवा दे रहे है, इन सब डिवीजन का ईपीएफ़ कोड, श्रमिकों का यूएएन नम्बर बन चुका है। ई एंड एम, बी एंड आर, ब्रिज के बहुत से श्रमिकों का ईपीएफ़ कटौती पश्चात वापस श्रमिक खाते में डाल दिया गया। जो कि ईपीएफ़ कानून अनुसार अपराध श्रेणी में आता है
यह त्रुटि ईएनसी के दो पूर्व गलत निर्देशो की वजह से बहुत से ई ई द्वारा अनजाने हो गई। इन सब गलतियों का बोध प्रभारी ईएनसी विजय कुमार भतपहरी को हुआ, उन्होंने नया आदेश ईपीएफ़ के सबंन्ध में जारी किया। ज्ञात हो ईपीएफ़ कटौती के निर्देश वित्त विभाग द्वारा जून 2017 से श्रमिक हित मे दे चुका है। उस निर्देश में कही नही लिखा भविष्य में नए आकस्मिक श्रमिक न रखे जाए, नए श्रमिकों का ईपीएफ़ न काटा जाए, केवल जून 2017 तक कार्यरत का ईपीएफ़ ही काटा जाए।
उस पत्र का आशय लोनिवि के लिपिकों और अधिकारियों को शायद अब समझ आया इसलिए यह नया आदेश ईपीएफ़ कानूनी रूप से सही जारी करना पड़ा, जिसमें जून 2017 से आज तक कार्यरत का ईपीएफ़ कटौती के लिए जानकारी 10 अप्रैल तक मांगी जा रही है। उच्च स्तरीय मंत्री से शिकायत, ईपीएफ़ कार्यालय पंडरी रायपुर में बहुत से यूनियनों द्वारा कि गई शिकायत, अखबारों की खबरों से संशोधित आदेश का बड़ा वजह हो सकती है।





