शराब दुकानों में ओवररेटिंग पर छोटे अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज

नष्टीकरण शराब बेचने वाले अधिकारी को इनाम मिल रहा
रायपुर (जसेरि)। आबकारी विभाग ओवर रेटिंग शराब बिक्री के मामले में जहां छोटे अधिकारियों-कर्मचारियों को निशाना बनाकर कार्रवाई का दिखावा कर रहा है वहीं वहीं सिलतरा वेयर हाऊस से आऊट डेटिंग व नष्टीकरण वाली शराब खुले बाजार में बेचे जाने के मामले में कोई कार्रवाई से बच रहा है। विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से मामला उठने के बावजूद सरकार व विभाग द्वारा मामले को संज्ञान में न लेना आश्चर्यजनक है। भ्रष्ट अधिकारियों ने नष्टीकरण के बजाय जहरीली शराब को आसपास के ढाबे और होटलों में बेच कर लाभ कमाया। यह सबकुछ प्रभारी अधिकारी के संरक्षण में वेयर हाउस के कर्मचारियों द्वारा किया गया।
प्रभारी अधिकारी को अब उपकृत कर राज्य आबकारी उडऩदस्ते का प्रभारी बना दिया गया है। इससे साफ है कि अपनी और विभाग के उच्चाधिकारियों की जेब भरने वाले अधिकारियों पर किसी तरह की कार्रवाई की उ मीद बेमानी है। ऐसे अधिकारियों का बेखौफ होना और किसी कार्रवाई को लेकर संशंकित न होना भी हैरान करने वाला है। ऐसे अधिकारी खुले तौर पर दावा करते हैं कि कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अधिकारियों की ऐसी कार्यप्रणाली से जनता और सरकार के प्रति उनकी जवाबदेही की पोल खोलती है। विभाग की नजर में भ्रष्ट अधिकारी प्रमोशन के हकदार बन गए हैं। इसका स्पष्ट संकेत यह है कि पूर्व में इन्हीं आरोपों में हटाए गए 29 अधिकारी कर्मचारियों को फिर से बहाल करने की तैयारी अंदरखाने चल रही है। वहीं औव्हर रेटिंग की जांच कर रहे उडऩदस्ता के अधिकारियों पर विभाग के बड़े भ्रष्ट अधिकारियों की वक्र दृष्टि पड़ गई है। जो आबकारी विभाग में ईमानदारी के साथ काम कर रहे उन पर विभाग की गाज गिर रही है। माना जा रहा है कि विभाग के भ्रष्ट अधिकारी ओव्हर रेटिंग की जांच को प्रभावित कर रोकने की साजिश को अंजाम देने में लगे हुए है ताकि उनका ओव्हर रेटिंग कमीशन पूर्ववत मिलता रहे।
उपनिरीक्षक पर गिरी गाज : अंबिकापुर की पॉश शराब दुकानों पर उडऩदस्ते का छापा
छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आबकारी उडऩदस्ता दल ने सरगुजा जिले की प्रमुख अंग्रेजी शराब दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई दुकानों में ओवररेटिंग के मामलों का खुलासा हुआ है। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई से जिला आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कार्रवाई के दौरान लखनपुर, गाढ़ाघाट और अंबिकापुर के गांधी चौक स्थित प्रीमियम शराब दुकान में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेची जा रही थी। उडऩदस्ता टीम की जांच में इन अनियमितताओं की पुष्टि हुई। इसके परिणामस्वरूप, आबकारी उपनिरीक्षक अनिल गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संबंधित दुकानों में कार्यरत कुछ प्लेसमेंट कर्मचारियों को भी सेवा से हटा दिया गया है। राज्य स्तरीय टीम ने सबसे पहले गाढ़ाघाट की दुकान का निरीक्षण किया। वहां निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बिक्री का मामला सामने आया। इसके बाद अंबिकापुर के गांधी चौक स्थित प्रीमियम शॉप में भी जांच की गई। वहां भी ओवररेटिंग की शिकायत सही पाई गई, जिस पर एक कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई हुई।
विभागीय निगरानी पर सवाल : इस कार्रवाई के बाद जिला आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से शराब दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतें मिल रही थीं। अन्य अनियमितताओं की शिकायतें भी लगातार सामने आती रही हैं। राज्य स्तरीय उडऩदस्ता की इस कार्रवाई ने विभागीय निगरानी पर चर्चा तेज कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले की कुछ शराब दुकानों में पहले भी अधिक कीमत वसूली जाती थी। उडऩदस्ता की कार्रवाई के बाद अब आबकारी विभाग से आगे की जांच की अपेक्षा है। संभावित कार्रवाई पर भी सभी की नजर बनी हुई है। विभाग को इन शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।





