छत्तीसगढ़

अधिकारी ने कर्मचारी को पुलिस से पिटवाया, आंख हाथ और पैर में सूजन

Nil dhankar
16 Oct 2025 3:19 PM IST
अधिकारी ने कर्मचारी को पुलिस से पिटवाया, आंख हाथ और पैर में सूजन
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क्या अधिकारी के कहने पर पुलिस किसी को भी पीट सकती है?

अधिकारी थाने में करते है नेतागिरी, फलाने का करीबी हूँ

घौंस से डर जाते है थाना प्रभारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में बने जंगल सफारी जो नवा रायपुर में स्थापित है, जहां पर प्रतिदिन हजारों के तादात में पर्यटक घूमने आते है, वहीं डिवीजन आफिस में 17 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी सतीश वर्मा को रेंजर और राखी पुलिस ने जमकर मारा है। दरअसल मामला यह है कि जंगल सफारी में विगत 17 वर्षों से कार्य करने वाले कर्मचारी सतीश वर्मा जो बहुत ही सीधे व सरल स्वभाव के है जो कार्यालय में लंबे समय से कार्यरत हैं। पुराने अधिकारियों ने बताया कि सतीश वर्मा का व्यवहार बहुत ही अच्छा है सीधे साधे है! प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगल सफारी में रेंजर के पद पर पदस्थ डिप्टी रेंजर विजय पाटिल के आने से जंगल सफारी का दुर्गति हो रही है, डिप्टी रेंजर विजय पाटिल अपने सगे संबंधियों बड़े नेता का धौंस दिखाते है उनके रहते मेरा कोई बाल बाका नही कर सकता ऐसा बोल कर जंगल सफारी के कर्मचारियों में दहशत फैलाया हुआ है। कर्मचारी संघ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार

सतीश वर्मा को पुलिस थाना राखी में ले जाकर जमकर पिटाई करवा दिए जो सरासर अन्याय है, पुलिस प्रशासन को अनावश्यक मारपीट नही करना चाहिये। जंगल सफारी के डीएफओ ने अपने ही अधिनस्थ कर्मचारी को जिस तरह से मरवाया है मानों जातिगत दुशमनी है, इस प्रकार के कृत्य एक अधिकारी को शोभा नही देता है।

अगर कोई कर्मचारी गलती किया है तो उसका जांच करें दोषी पाये जाने पर उसे निलंबित करें या कार्य से पृथक करें किन्तु मारपीट करना या मारपीट करवाना उचित नही है। यह दमनकारी नीति का परिचायक है, गुप्त सुत्रों से जानकारी अनुसार एक कम्प्युटर आपरेटर को भी कार्यालय से हटाकर जंगल सफारी के बाहर पार्किंग में टिकट काटने के लिये भेज दिया गया है! जब से जंगल सफारी में ये डीएफओ व प्रभारी रेंजर विजय पाटिल का पदस्थापना हुआ है तब से जंगल सफारी का माहोल बहुत खराब हो चुका है। अब देखना यह है कि क्या वरीष्ठ अधिकारी इस मामले को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करेंगे या मामला ठंडा बस्ता में चला जायेगा।

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