छत्तीसगढ़

विवाहिता की संदिग्ध मौत पर कार्रवाई नहीं करने का मामला गरमाया, पुरानी बस्ती थाना पुलिस पर गंभीर आरोप

Shantanu Roy
9 Sept 2025 9:17 PM IST
विवाहिता की संदिग्ध मौत पर कार्रवाई नहीं करने का मामला गरमाया, पुरानी बस्ती थाना पुलिस पर गंभीर आरोप
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छग
Raipur. रायपुर। पुरानी बस्ती थाना पुलिस पर गंभीर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाते हुए विवाहिता के परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर आवाज उठाई है। मामला 28 अगस्त का है, जब ढेबर सिटी क्षेत्र में विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिली थी। मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाहिता की हत्या उसके पति फिरोज अंसारी और सास रेहाना खातून ने मिलकर की है, जबकि थाना पुलिस ने अब तक न तो उचित कार्रवाई की है और न ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी साझा की है। परिजनों का कहना है कि विवाहिता के शरीर में जगह-जगह चोट के गहरे निशान थे। विशेष रूप से उसके नाक पर गंभीर चोट के कारण चेहरा लहूलुहान था। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि विवाहिता के साथ मारपीट की गई थी।


परिजनों ने कई दिनों तक थाना का चक्कर काटा, लेकिन उन्हें कार्रवाई का आश्वासन तक नहीं मिला। उनका आरोप है कि पुलिस ससुराल पक्ष के दबाव में मामला दबा रही है। वहीं, ससुराल पक्ष का कहना है कि विवाहिता ने आत्महत्या की है। उनका दावा है कि उसने फाँसी लगाकर अपनी जान दी। हालांकि, यह बयान परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा साझा किए गए वीडियो से मेल नहीं खाता। मीडिया को मिले वीडियो में मृतका के शरीर पर गंभीर चोटें और खून के धब्बे साफ दिखाई दे रहे हैं, जिससे आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल
खड़े
हो रहे हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी भी पुलिस ने अब तक नहीं दी। यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और नागरिकों ने न्याय की मांग की है। कई सामाजिक संगठन भी इस घटना को लेकर सामने आए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाहिता पहले भी घर में मारपीट की शिकायत कर चुकी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उसकी मौत के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे न्याय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में शांति बनाए रखने और मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई जा रही है। इस पूरे प्रकरण ने पुलिस की कार्यशैली और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का कहना है कि वे न्याय मिलने तक आवाज उठाते रहेंगे। वहीं, प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पुलिस की चुप्पी और निष्क्रियता से पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यह मामला प्रदेश में महिला सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही पर व्यापक चर्चा का कारण बन गया है।
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