चाय से ज्यादा केतली गरम, मन में लड्डू फूटने का चेले रच रहे भरम

ज़ाकिर घुरसेना/कैलाश यादव
कहावत है कि चाय से ज्यादा केतली गरम होती है, हकीकत भी है केतली गरम होगी ही तभी ता चाय गरम होगी, वही हाल कई मंत्रियों के पीए के का हैं। जो मंत्री से ज्यादा रूतबा रखते है और लोगों का काम पीए के कहने से ही होता है। बड़े -बड़े कंपनी वाले मंत्री से कोई काम नहीं बोलते उमके पीए से ही बोलते है स्वभाविक हा रूतबा तो रहेगा ही, देखा गया है कि मंत्री बंगले से जुड़े लोग भी उनके रूतबे को देखकर उनके मन में लड्डू फूटने लगा है और लोगों को फोन कर कुछ काम होतो भेजना बोल रहे है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि पुराने लोगों ने ठीक ही कहा है कि चाय से ज्यादा केतली गरम, चेले रच रहे भरम।
येखर का भरोसा चोला माटी के हे राम
कांकेर जिले के मांडाभर्री गांव में ग्राम पटेल गिरवर पांडे का निधन होने पर उनकी अंतिम यात्रा भजन-कीर्तन और बाजे-गाजे के साथ निकाली गई। इस दौरान ग्रामीणों ने येखर का भरोसा चोला माटी के हे रामज् जिंदगी का कोई ठिकाना नहीं है, यह मिट्टी का शरीर है। जैसे भजनों को गाते हुए दिवंगत को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में गांव के लोगों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सैकड़ों की मौजूदगी में निकली इस यात्रा में लोगों ने जीवन की नश्वरता और भजन-कीर्तन के माध्यम से संदेश दिया। ग्राम पटेल गिरवर पांडे की अंतिम यात्रा का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जनता में खुसुर-फुसुर है कि लोग क्यों नहीं समझते कि काया जब मिट्टी की बनी है इस पर घमंड क्यों करनी चाहिए । इस नश्वर संसार में जन्म लिया तो जाना भी तय है इसलिए कर्म एैसा करो कि मरने के बाद भी कर्म तुम्हारे नश्वर शरीर की तरह नश्वर न होकर अमर हो जाए।लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि गिरवर पांडे जी की इच्छा आज के युग में जहां चारों ओर झूठ, लूट, फरेब, गुंडई, अनैतिकता का बोलबाला है एैसे में उनकी बातों का अनुसरण करेंगे।
हमारी भी सुन लो सरकार . आज से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी बीते 18 अगस्त से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कोविड में जान को जोखिन में डालकर सेवा करने वाले एनएमएच कर्मियों की मांग को सरकार की अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने अब शुक्रवार से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत सभी कर्मचारी राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर जुटेंगे और वहां से प्रदेशभर में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। जनता में खुसुर-फुसुर है कि जब सरकार सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को पूरी कर रही है तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों की मांग पर भी सुनवाई करनी चाहिए ताकि स्वास्थ्य केंद्रों में जो व्यवस्था चरमरा गई है उसे व्यवस्थित किया जाए और पीडि़तों को समय पर इलाज मिले। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियो की हड़ताल से पूरे प्रदेश में औपीडी से लेकर आवश्यक जांच कराने के लिए भटकने के बाद भी मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।उनके हड़ताल से सिर्फ और सिर्फ गरीब और मध्यमवर्ग के लोृग ही ज्यादा परेशान हैं।
चलो विपक्ष की पहल पर भाजपा नेता को लाभ तो मिला ....
शारीरिक और आर्थिक संकट से जूझ रहे भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री विशंभर यादव ने हाल ही में मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की थी। सबसे पहले इस खबर पर संज्ञान लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यादव और उनकी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने उन्हें रायपुर बुलाकर इलाज कराने का आश्वासन दिया था। उसके बाद अब इस मामले को भाजपा संगठन ने भी गंभीरता से लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी खुद सूरजपुर पहुंचे और विशंभर यादव से मुलाकात की। इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया। रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की देखरेख में एक अच्छे अस्पताल में उनका इलाज कराया जाएगा।जनता में खुसुर-फुसुर है कि भाजपा वाले भी बिना विपक्ष के मुद्दा बनाए कोई काम ही नहीं करना चाहते है। यदि मीडिया में नहीं आते तो उनका इलाज होता ही नहीं । भाजपा चाहती तो सरकार आने के बाद सबसे पहले विशंभर का इलाज करा सकती थी।बहरहाल देर आए दुरूस्त आए के तर्ज पर उनका इलाज शुरू हो गया है।
निजी अस्पतालों की बरवाही ....
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत निजी अस्पतालों के लंबित क्लेम दावों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रावधानित राशि में से 375 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग द्वारा राशि रिलीज होने के साथ ही निजी अस्पतालों को उनके बकाया दावों का भुगतान होना शुरू हो गया है। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि शासन राज्य नागरिकों के हितों के प्रति सजग है और निजी अस्पतालों को राशि को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। राज्य शासन स्तर से अस्पतालों को भुगतान शुरू कर दिया गया है और शीघ्र ही समस्त बकाया राशि का भुगतान भी कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के निजी अस्पताल संचालकों ने गत दिनों आयुष्मान योजना का भुगतान लंबित होने के चलते आगामी एक सितंबर से योजना के तहत इलाज नहीं करने की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी के बाद कई अस्पातलों ने आयुष्मान योजना से इलाज भी बंद कर दिया था। इसे मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने गंभीर मुद्दा बताते हुए राज्य सरकार पर हमला शुरू कर दिया था। जनता में खुसुर-फुसुर है कि निजी अस्पताल प्रबंधन की तो लाटरी ही खुल गई हैऔर विपक्षी पार्टी दोनों हाथों में लड्डू लेकर खुशी मना रही पर है तो वो एक ही थैली के चट्टे बट्टे है। जब सत्ता थे तब क्या किया जरा पूछ लेते जिसे वो मुद्दा बना कर भुना रहे कल जब उनकी सरकार थी तो क्यों सुध नहीं लिए। खैर सरकार क चाहिए कि निजी अस्पतालों का फीस भी तय करे जो मनमानी ले रहे है।





